(रणभेरी): कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता को अपने हाथों में समेटकर गरीबों और मजदूरों के अधिकार कमजोर करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी मनरेगा योजना केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि गरीबों को दी गई सामाजिक सुरक्षा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश है।
राहुल गांधी ने कहा कि एक ओर कांग्रेस गरीब, मजदूर और किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है, जबकि दूसरी ओर मौजूदा सरकार देश की संपत्ति चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में सौंपने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा को कमजोर करने का मकसद यह है कि मजदूरों और महिलाओं तक पहुंचने वाला पैसा बड़े उद्योगपतियों तक चला जाए। इसी के खिलाफ कांग्रेस देशभर में आंदोलन कर रही है और मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है।

मंगलवार सुबह राहुल गांधी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया और खिलाड़ियों से संवाद किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने चौपाल लगाकर मनरेगा मजदूरों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
राहुल गांधी सोमवार देर रात रायबरेली पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह उनका छठा रायबरेली दौरा है। इससे पहले वे सितंबर 2025 में भी यहां आए थे। अपने संबोधन में राहुल ने कहा कि सरकार मनरेगा की जिम्मेदारी राज्यों पर डालकर इसे कमजोर करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा शासित राज्य तय हिस्सेदारी देने से पीछे हट सकते हैं, जिससे मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल पाएगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को पंचायतों से हटाकर अधिकारियों के जरिए संचालित करना चाहती है, जिससे जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही खत्म होगी। राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना काल में जब कई योजनाएं असरहीन साबित हुईं, तब मनरेगा ने देश के मजदूरों को सहारा दिया और गांवों में रोजगार व बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली।
संविधान के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक योजना की नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन संविधान की मूल भावना को कमजोर करना चाहते हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंबेडकर के संविधान, गांधी की सोच और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करती रहेगी।
इस मौके पर अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली थी, लेकिन नए बदलावों से गांवों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने जनता से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के बिना किसी भी लड़ाई को सफल नहीं बनाया जा सकता।
