(रणभेरी): राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में कोचिंग संचालक फैसल खान, जिन्हें आमतौर पर “खान सर” के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के अंतर्गत दर्ज किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
गार्ड्स के बयान से बढ़ी मुश्किलें
पुलिस जांच में शामिल कोचिंग के सुरक्षा गार्ड्स के बयान को मामले में अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि गार्ड्स ने अपने बयान में यह दावा किया है कि उन्हें कथित तौर पर स्थिति के दौरान गोली चलाने के लिए कहा गया था, जबकि आगे की स्थिति को संभालने की बात कही गई थी। इसी बयान के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज की है।

हाई-लेवल पुलिस बैठक, कोचिंग के बाहर तनाव
घटना के बाद कानून-व्यवस्था की समीक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के उकसावे या अफवाहों से दूर रहें।
इधर, कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हो गए और समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
2 जून की रात की घटना
मामले की शुरुआत 2 जून की रात हुई, जब पटना स्थित कोचिंग सेंटर पर कथित हमला हुआ था। उस दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने का एक वीडियो भी सामने आया था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों निजी सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया था।
खान सर का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम पर कोचिंग संचालक फैसल खान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि घटना के दौरान झड़प और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उनके अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की क्योंकि हालात तेजी से बिगड़ रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय लगा, और ऐसे हालात में सुरक्षा गार्डों की भूमिका केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या उस समय गार्डों के पास स्थिति संभालने के अलावा कोई विकल्प था।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है। बयान, वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
