(रणभेरी): पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार को जैसे ही बाजार में कारोबार शुरू हुआ, शुरुआती कुछ ही सेकंड में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तेज बिकवाली के चलते निवेशकों की करीब 5 लाख करोड़ रुपये की पूंजी कुछ ही पलों में साफ हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार का माहौल पूरी तरह दबाव में नजर आया।
सेंसेक्स में तेज गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,863.71 के मुकाबले करीब 494 अंकों की गिरावट के साथ 76,369.65 पर खुला। बाजार खुलने के बाद बिकवाली और तेज हो गई। सुबह करीब 9:15 बजे तक सेंसेक्स 915.72 अंक (करीब 1.19%) टूटकर 75,947.99 के स्तर पर आ गया।
निफ्टी भी दबाव में
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी गिरावट की चपेट में रहा। निफ्टी 192 अंकों की कमजोरी के साथ 23,674.85 पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही गिरावट बढ़ गई और सूचकांक 264.85 अंक (1.11%) फिसलकर 23,602 के आसपास पहुंच गया। लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटे
- बाजार में आई गिरावट का असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 0.51% गिरकर 1383.95 रुपये पर पहुंच गया।
- एचडीएफसी बैंक करीब 0.65% फिसलकर 828.55 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
- भारती एयरटेल भी 0.58% गिरकर 1795.60 रुपये के आसपास रहा।
- इसके अलावा आईटीसी, इन्फोसिस, टीसीएस और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयरों में भी दबाव देखने को मिला।
ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर ज्यादा असर
सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में दर्ज की गई। मारुति, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में करीब 1.5% से 1.7% तक की गिरावट आई। वहीं इंडिगो के शेयर करीब 2.9% और लार्सन एंड टुब्रो में करीब 2.5% तक की कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि, आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने हल्की मजबूती दिखाई। टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
विदेशी बाजारों से भी नकारात्मक संकेत
गिरावट की एक बड़ी वजह वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत भी रहे। एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 848 अंक (लगभग 1.5%) टूट गया। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के कारण फिलहाल निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है, जिसका असर शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
