वाराणसी (रणभेरी): शहर में बिजली कनेक्शन जारी करने के नाम पर चल रही कथित रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जेई को मौके से पकड़कर कैंट थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, पर्जनपुर लोहता निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव ने अपने नए बने मकान के लिए अस्थायी घरेलू बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन किया था। आवेदन के बाद वे लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें हर बार किसी न किसी बहाने से टाल दिया गया। कभी पोर्टल पर आवेदन अपलोड न होने की बात कही गई तो कभी इसे “वेटिंग लिस्ट” में डालकर आगे की तारीखें दी जाती रहीं।
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने संबंधित जेई सुखदेव स्वरूप रस्तोगी से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि उनका आवेदन प्रक्रिया में है और निरीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके बाद कई बार तारीखें बदलकर उन्हें लगातार दौड़ाया गया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जेई ने मौके निरीक्षण के बाद बताया कि उनके आवेदन से पहले ही कई कनेक्शन लंबित हैं और कनेक्शन मिलने में लगभग 20 दिन का समय लगेगा। इसी बीच वैध शुल्क के अलावा अतिरिक्त राशि की मांग की जाने लगी।
आरोप है कि शुरुआत में जेई ने 25 हजार रुपये की मांग की, और बाद में बातचीत के दौरान यह राशि 22 हजार रुपये पर तय हुई। यह भी आरोप है कि आरोपी ने स्पष्ट रूप से नकद भुगतान की मांग की और ऑनलाइन भुगतान से इनकार कर दिया।
लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर उपभोक्ता अमित कुमार ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की। शिकायत की पुष्टि के बाद विभाग ने ट्रैप की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को आवश्यक प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया।
निर्धारित योजना के अनुसार, 12 जून को जब जेई तय समय पर प्लॉट पर पहुंचा, तो वह 22 हजार रुपये की नकदी लेने के लिए पहुंचा। जैसे ही उसने लिफाफा अपने हाथ में लिया, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम, जो मौके पर सादे कपड़ों में लेबर और तकनीकी कर्मियों के रूप में मौजूद थी, ने उसे तुरंत दबोच लिया।
मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर कैंट थाने पहुंचाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जेई सुखदेव स्वरूप रस्तोगी पांडेयपुर उपकेंद्र में तैनात है और वर्तमान में सरसौली, शिवपुर क्षेत्र में रह रहा है।
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर उमाशंकर यादव की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है, जबकि उपभोक्ताओं में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
