- 68.62 मीटर पहुंचा जलस्तर, दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हो रही कमी
- वरुणा किनारे 140 से अधिक लोग विस्थापित, चार गांवों के खेतों तक पहुंचा पानी
- नगर निगम के सामने सफाई और संक्रमण रोकने की चुनौती
वाराणसी (रणभेरी): गंगा के जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है। करीब दस दिनों तक लगातार बढ़ाव के बाद सोमवार को जलस्तर 68.62 मीटर पर आ गया। रविवार तक गंगा का जलस्तर 69.20 मीटर तक पहुंच गया था। फिलहाल नदी का पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। जलस्तर में गिरावट से प्रशासन के साथ ही तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है और कई परिवार मुश्किल हालात में रहने को मजबूर हैं।

गंगा में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला 14 अगस्त से शुरू हुआ था। उस दिन नदी का जलस्तर 63.59 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद लगातार बढ़ाव जारी रहा और जलस्तर 69.20 मीटर तक पहुंच गया। अब गिरावट का क्रम शुरू होने से आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीण और तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी अभी भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।

गंगा के साथ वरुणा नदी के किनारे भी बाढ़ का प्रभाव बना हुआ है। तटवर्ती इलाकों में अब तक 140 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें 80 से ज्यादा लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं, जबकि अन्य रिश्तेदारों के घर या किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। कई परिवार अभी भी अपने घरों की छतों पर डेरा डाले हुए हैं। रविवार शाम हुई बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। छतों पर रह रहे परिवारों को बारिश से बचने के साथ खाद्य सामग्री, पेयजल और जरूरी सामान सुरक्षित रखने में परेशानी हुई।
चार गांवों के खेतों तक पहुंचा पानी
जलस्तर घटने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का असर बरकरार है। अब तक चार गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और खेतों तक पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों को फसल बर्बाद होने और आवागमन बाधित होने की चिंता सता रही है। आपदा विभाग के अनुसार प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा का जलस्तर नीचे जा रहा है। ऐसे में वाराणसी में भी अगले कुछ दिनों में बाढ़ का दबाव कम होने की संभावना है।

पानी उतरने के बाद सफाई की चुनौती
बाढ़ का पानी घटने के साथ नगर निगम के सामने जलभराव वाले इलाकों में सफाई और संक्रमण रोकने की चुनौती खड़ी हो गई है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, चूने का छिड़काव कराने और जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोनिया वार्ड स्थित वैतरणी कुंड और धोबी घाट परिसर की विशेष सफाई कराने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए, ताकि पानी उतरने के बाद गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण से लोगों को अतिरिक्त परेशानी न झेलनी पड़े।
