वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित पुराने कांशीराम आवास परिसर में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 52 वर्षीय अधेड़ की जान चली गई। कपड़े सुखाने के लिए छत पर गए शीतल उर्फ शतालू अचानक टूटे छज्जे की चपेट में आ गए। तीसरी मंजिल का जर्जर छज्जा भरभराकर गिरने से वह मलबे के साथ दूसरी मंजिल पर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल शीतल को आसपास के लोगों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन करीब तीन घंटे तक चले उपचार के बाद रात लगभग 8:30 बजे उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद आवास परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही शिवपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। वहीं, मौत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
कपड़े सुखाने गए थे छत पर
जानकारी के मुताबिक, शीतल पुराने कांशीराम आवास योजना के ब्लॉक नंबर 61 स्थित कमरा नंबर 11 में परिवार के साथ रहते थे। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे वह कपड़े सुखाने के लिए भवन की छत पर गए थे।
इसी दौरान तीसरी मंजिल पर बना पुराना छज्जा अचानक टूट गया। छज्जा गिरने के साथ शीतल भी असंतुलित होकर मलबे के साथ नीचे दूसरी मंजिल पर जा गिरे। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।

स्थानीय लोगों ने किसी तरह घायल शीतल को बाहर निकाला और इलाज के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। बताया जा रहा है कि चोटें गंभीर होने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। करीब तीन घंटे के उपचार के बाद रात 8:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मजदूरी कर चलाते थे परिवार का खर्च
शीतल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते थे। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुए हादसे ने परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा कर दिया है। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। आसपास रहने वाले लोग भी घटना से स्तब्ध नजर आए।
जर्जर आवासों को लेकर लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद कांशीराम आवास परिसर में बने पुराने भवनों की हालत को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सामने आया। लोगों का कहना है कि परिसर की कई इमारतें काफी समय से जर्जर स्थिति में हैं। कई जगह छज्जों और भवन के अन्य हिस्सों की हालत खराब बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि समय रहते जर्जर हिस्सों की मरम्मत या उन्हें सुरक्षित करने की कार्रवाई की जाती तो इस तरह के हादसे की आशंका को कम किया जा सकता था। लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे परिसर की स्थिति का सर्वे कराने की मांग की है।
जर्जर भवनों का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कांशीराम आवास परिसर में बने सभी पुराने भवनों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। खासतौर पर कमजोर छज्जों, बालकनियों और भवन के क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान कर उन्हें जल्द सुरक्षित कराया जाए।
लोगों का कहना है कि परिसर में रहने वाले परिवार रोजाना ऐसे भवनों के बीच रहने को मजबूर हैं। किसी बड़े हादसे से पहले प्रशासन और संबंधित विभाग को जर्जर भवनों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने पर शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई। मृतक के परिवार और आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली गई। पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है।
फिलहाल इस हादसे ने पुराने कांशीराम आवास परिसर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि परिसर के जर्जर भवनों और छज्जों की जल्द से जल्द जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
