वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के लालपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब बड़ी संख्या में पहुंचे कुछ बाहरी लोगों ने स्टेडियम परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि हमलावरों ने हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों के साथ मारपीट की, हॉस्टल और जिम परिसर में तोड़फोड़ की तथा पथराव भी किया। इस घटना में कई खिलाड़ी घायल हुए हैं। मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है, जबकि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अभ्यास के दौरान शुरू हुआ विवाद
जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन सिंह के अनुसार घटना की शुरुआत एक दिन पहले अभ्यास के दौरान हुई थी। बताया गया कि स्टेडियम में रहने वाले एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल के खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे थे। उसी समय कुछ बाहरी युवक भी मैदान में मौजूद थे, जिनमें से एक युवक अनधिकृत रूप से अभ्यास कर रहा था।
इसी दौरान एक खिलाड़ी ने उसे अभ्यास की तकनीक को लेकर सलाह दी, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद मामला शांत हो गया और सभी अपने-अपने स्थान पर लौट गए। हालांकि अगले ही दिन यह विवाद हिंसक रूप ले बैठा।
सुबह छह बजे पहुंचे बड़ी संख्या में युवक
बुधवार सुबह करीब छह बजे बड़ी संख्या में युवक लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर स्टेडियम परिसर में पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने खिलाड़ियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और हॉस्टल परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई खिलाड़ियों को अपनी जान बचाने के लिए हॉस्टल की ऊपरी मंजिल पर जाकर कमरों में खुद को बंद करना पड़ा। नीचे मौजूद जिम, मेस और स्टोर रूम में भी तोड़फोड़ की गई। इस दौरान जो खिलाड़ी उनके सामने आए, उनके साथ भी मारपीट की गई।
पथराव और तोड़फोड़ में कई खिलाड़ी घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उपद्रवियों ने परिसर में पथराव भी किया, जिससे कई खिलाड़ियों को चोटें आईं। घायल खिलाड़ियों में रुद्राक्ष भारद्वाज, रामानुज यादव, यशवीर सिंह, प्रभात चौधरी और अथर्व त्रिपाठी शामिल बताए जा रहे हैं।
उपद्रव के दौरान हॉस्टल परिसर में लगे टीवी, फ्रिज, जिम उपकरण, खाद्य सामग्री और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। कई खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे परिसर में काफी नुकसान हुआ।
खिलाड़ियों में दहशत का माहौल
स्टेडियम के फुटबॉल कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शम्सी रजा ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने खेल जीवन में स्टेडियम के अंदर ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा। उनके अनुसार जब उपद्रवी मैदान और हॉस्टल परिसर में हंगामा कर रहे थे, तब ऐसा लग रहा था कि किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले सभी खिलाड़ी भयभीत हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है। उनका कहना है कि शहर से बाहर स्थित होने के कारण स्टेडियम में सुरक्षा और अधिक मजबूत होनी चाहिए।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
घटना के बाद जिला क्रीड़ा अधिकारी ने हॉकी, एथलेटिक्स और फुटबॉल कोच के साथ जिला प्रशासन से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंप दी गई है।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी स्टेडियम पहुंची और हॉस्टल परिसर का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी ने कहा कि औपचारिक तहरीर प्राप्त होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बाहरी लोगों की एंट्री पर तत्काल रोक
घटना के बाद जिला क्रीड़ा अधिकारी ने सुरक्षा के मद्देनजर स्टेडियम में बाहरी लोगों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया है। अब केवल अधिकृत खिलाड़ियों और संबंधित कर्मचारियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।
सिंथेटिक ट्रैक की मरम्मत भी शुरू
इसी बीच स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक के रखरखाव और मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जा रहा है। इसके लिए विदेश से तकनीकी विशेषज्ञ वाराणसी पहुंच चुके हैं, जो ट्रैक की अधूरी मार्किंग पूरी करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करेंगे। मरम्मत कार्य के दौरान स्टेडियम को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।
पुलिस की अगली कार्रवाई शिकायत पर निर्भर
फिलहाल पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं खेल विभाग का कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
