(रणभेरी): उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का संगठनात्मक मॉडल अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने ही बूथ पर चुनाव नहीं जीत सके, जिससे पार्टी के लंबे समय से प्रचारित नारे “अपना बूथ सबसे मजबूत” की वास्तविकता सामने आ गई है। राय ने तंज कसते हुए कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि भाजपा का सबसे मजबूत बताया जाने वाला बूथ ही सबसे कमजोर साबित हो रहा है।
अजय राय ने कहा कि हाल ही में दतिया और बांकीपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा को मिली चुनावी हार पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है। उनके अनुसार इन परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता का भरोसा भाजपा से लगातार कम हो रहा है और यही कारण है कि पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन हारों के साथ भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब बड़े स्तर पर देगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पार्टी केवल प्रचार और नारों के सहारे राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर उसका संगठन पहले जैसा मजबूत नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब मतदाता सब कुछ समझ चुके हैं।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में अजय राय ने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि कंगना रनौत भाजपा की वैचारिक भूमिका को ही आगे बढ़ाना चाहती हैं तो उन्हें सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। राय ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रचारक की भूमिका निभानी चाहिए।
अजय राय ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान महाना द्वारा ‘चढ़ावा की रसीद’ का उल्लेख करना उनकी हताशा को दर्शाता है। राय के अनुसार जब सरकार और उसके प्रतिनिधि चारों ओर से सवालों के घेरे में आ जाते हैं तो इस तरह के बयान सामने आते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘चढ़ावा की रसीद’ जैसी कोई व्यवस्था या परंपरा नहीं होती और इस प्रकार की बातें केवल भ्रम फैलाने का प्रयास हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता अब केवल दावों और नारों के आधार पर फैसला नहीं करेगी, बल्कि सरकार के कामकाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना मत देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में भाजपा को और भी बड़े राजनीतिक झटके लग सकते हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से अजय राय के इन आरोपों और दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस तरह की बयानबाजी आगे भी तेज रहने की संभावना है।
