वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। शुक्रवार, 1 अगस्त से एयरपोर्ट पर 10 नई उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया गया है। नई उड़ानों के जुड़ने से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख शहरों के लिए यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। साथ ही यात्रियों को अपनी जरूरत और समय के अनुसार उड़ानों का बेहतर विकल्प भी मिलेगा।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार नई उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। खासकर व्यापार, नौकरी, शिक्षा और पर्यटन के उद्देश्य से सफर करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मुंबई और दिल्ली के लिए बढ़ी उड़ानों की संख्या
नई व्यवस्था के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस ने वाराणसी से मुंबई के लिए दो अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शुरू किया है। इसके अलावा राजधानी दिल्ली के लिए भी एक नई दैनिक उड़ान जोड़ी गई है। दिल्ली और मुंबई देश के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में गिने जाते हैं। वाराणसी से बड़ी संख्या में यात्री इन दोनों महानगरों की यात्रा करते हैं। नई उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों को अब अधिक समय विकल्प मिलेंगे और टिकट उपलब्धता में भी सुधार होने की संभावना है।
बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान से दक्षिण भारत का सफर होगा आसान
दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए भी राहत भरी खबर है। आकासा एयर ने वाराणसी और बेंगलुरु के बीच नई सीधी उड़ान शुरू की है, जिसका संचालन प्रतिदिन किया जाएगा। पिछले कुछ समय से दक्षिण भारत के कई शहरों के लिए सीधी उड़ानों की संख्या सीमित होने के कारण यात्रियों को दूसरे शहरों के जरिए यात्रा करनी पड़ रही थी। अब बेंगलुरु के लिए सीधी सेवा शुरू होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
विजयवाड़ा भी सीधे जुड़ा वाराणसी से
इंडिगो एयरलाइंस ने वाराणसी से विजयवाड़ा के लिए नई सीधी उड़ान शुरू की है। इससे उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बीच हवाई संपर्क और मजबूत होगा। धार्मिक, व्यावसायिक और पारिवारिक यात्रा करने वाले लोगों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब प्रतिदिन 54 उड़ानों का होगा संचालन
नई उड़ानों के शामिल होने से वाराणसी एयरपोर्ट की दैनिक उड़ान संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अभी तक एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 22 विमान आते और 22 विमान रवाना होते थे, यानी कुल 44 उड़ानों का संचालन हो रहा था।
अब 10 नई उड़ानों के जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 54 हो गई है। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही में भी बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पहले 84 उड़ानें होती थीं संचालित
जानकारी के अनुसार वर्ष की शुरुआत में वाराणसी एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 84 उड़ानों का संचालन किया जाता था। उस समय रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री हवाई यात्रा करते थे। हालांकि, विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और परिचालन संबंधी कारणों के चलते धीरे-धीरे कई उड़ानों की संख्या कम कर दी गई। परिणामस्वरूप दैनिक उड़ानों की संख्या घटकर 44 तक पहुंच गई थी। अब नई उड़ानों के शुरू होने से एक बार फिर एयरपोर्ट की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट अधिकारियों का मानना है कि नई उड़ानों के संचालन से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि वाराणसी के पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलेगी। सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। इसके अलावा विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शहर की पर्यटन और धार्मिक यात्रा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्रियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले समय में अन्य शहरों के लिए भी नई उड़ान सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इससे वाराणसी का देश के विभिन्न हिस्सों से हवाई संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा तथा यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
