कंगना रनोट का विवादित बयान: नई पीढ़ी की महिलाओं को बताया ‘गटर जेनरेशन’, बोलीं- आजादी जिम्मेदारी के साथ आती है

कंगना रनोट का विवादित बयान: नई पीढ़ी की महिलाओं को बताया 'गटर जेनरेशन', बोलीं- आजादी जिम्मेदारी के साथ आती है

(रणभेरी): भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। कंगना ने हाल ही में नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं और युवाओं को लेकर कई टिप्पणियां कीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है।

कंगना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की स्टोरी में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जीवन का मतलब केवल अपनी इच्छाओं के अनुसार जीना नहीं, बल्कि अपने फैसलों की जिम्मेदारी उठाना भी है।

अपने पोस्ट में कंगना ने दावा किया कि कुछ युवा महिलाएं पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित होकर स्वतंत्रता की गलत परिभाषा अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्र महिलाएं अपने करियर, विचारों और फैसलों को लेकर आत्मनिर्भर होती हैं और अपने कार्यों की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं।

कंगना ने आगे कहा कि आज समाज में ऐसी पीढ़ी भी दिखाई दे रही है, जो स्वतंत्रता को केवल दिखावे के तौर पर देखती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कुछ युवाओं की जीवनशैली, सोच और जिम्मेदारी को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की।

कंगना रनोट का विवादित बयान: नई पीढ़ी की महिलाओं को बताया 'गटर जेनरेशन', बोलीं- आजादी जिम्मेदारी के साथ आती है

युवाओं के व्यवहार पर भी उठाए सवाल

इससे पहले कंगना रनोट ने छात्र आंदोलनों और नई पीढ़ी के व्यवहार को लेकर भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की भाषा और तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मौजूदा पीढ़ी के कुछ हिस्सों में संवाद और विरोध दर्ज कराने के तरीके को लेकर चिंता दिखाई देती है।

कंगना ने अपने पोस्ट में युवाओं की परवरिश और उनके सामाजिक व्यवहार को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विरोध या असहमति व्यक्त करने के लिए उचित भाषा और तरीका अपनाना जरूरी है।

छात्र प्रदर्शन को लेकर भी दिया था बयान

कंगना ने हाल में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शनों पर भी अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि किसी प्रशासनिक या राजनीतिक फैसले को बदलने के लिए दबाव बनाने का रास्ता आंदोलन के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवाद के जरिए होना चाहिए।

उन्होंने प्रदर्शन के तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद और संवैधानिक मंच अधिक उपयुक्त स्थान हैं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

कंगना के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया और जिम्मेदारी के साथ स्वतंत्रता की बात को सही बताया, जबकि कई लोगों ने उनकी भाषा और टिप्पणियों की आलोचना की।

कंगना रनोट इससे पहले भी अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रही हैं। उनके राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर दिए गए बयान अक्सर चर्चा और विवाद का विषय बनते रहे हैं।

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