वाराणसी (रणभेरी): देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार अब बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात देश को संबोधित करते हुए संकेत दिया कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान करने वाला नया कानून लाया जाएगा। इस कानून के मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो सरकार इसे अगले सप्ताह संसद के आगामी सत्र में पेश करने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री ने गुरुवार रात करीब 11:52 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगभग तीन मिनट का वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। सरकार इस समस्या को समाप्त करने के लिए अब और अधिक सख्त कदम उठाने जा रही है।
पीएम बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने पेपर लीक के मामलों में लगातार कार्रवाई की है। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। इसी वजह से कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और लाखों अभ्यर्थियों का परिणाम भी समय पर जारी किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जिससे भविष्य में कोई भी परीक्षा माफिया या गिरोह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ने बताया कि संबंधित विभागों ने देर रात कानून का प्रारूप उन्हें भेज दिया है। प्रस्तावित मसौदे में पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को कठोर दंड देने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार से विचार किया जाएगा।सरकार की कोशिश है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस विधेयक को जल्द संसद में लाकर पारित कराया जाए, ताकि इसे कानून का रूप दिया जा सके।
NEET UG पेपर लीक के बाद बढ़ा दबाव
पेपर लीक का मुद्दा इस वर्ष आयोजित NEET UG परीक्षा के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए।दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी कई दिनों तक प्रदर्शन चलता रहा। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इस मुद्दे पर संसद के भीतर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा।
CBI की जांच जारी
मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद एजेंसी जल्द अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।सरकार का मानना है कि नए कानून के लागू होने के बाद पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सकेगा।
