(रणभेरी): दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मेदांता अस्पताल उनके उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक विशेष मेडिकल पैनल गठित करेगा, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी करेगा और आवश्यक इलाज सुनिश्चित करेगा।
यह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में कहा गया था कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें उनकी पसंद के अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
28 जून से जारी है अनशन
सोनम वांगचुक पिछले 28 जून से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनकी तबीयत में लगातार गिरावट दर्ज की गई। 18 जुलाई को स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद परिवार की ओर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।

जंतर-मंतर पर आंदोलन का 32वां दिन
इधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। दोपहर तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। सुबह के समय कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों के बीच नाश्ते का वितरण किया।
पुलिस पहुंचने पर लगे नारे
सुबह जब सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल जंतर-मंतर पहुंचा तो प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले सोमवार देर शाम संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली कराया था, लेकिन देर रात आंदोलनकारी दोबारा वहां एकत्र होकर धरने पर बैठ गए।
संसद मार्च फिलहाल स्थगित
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि फिलहाल संसद मार्च आयोजित नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप था कि हाल की पुलिस कार्रवाई में छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और कई छात्रों को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और हित उनके संगठन की प्राथमिकता है।

वांगचुक ने अनशन जारी रखने की घोषणा की
सोनम वांगचुक ने भी स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई देखने के बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी
उधर, एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पेपर लीक जैसे मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विपक्ष ने उठाई जवाबदेही की मांग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
लगातार बनी हुई है राजनीतिक हलचल
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य, उनके जारी अनशन, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। एक ओर अदालत ने बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आंदोलन और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।
