वाराणसी (रणभेरी): बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की कक्षाएं निर्धारित समय पर शुरू होने की योजना पर असर पड़ सकता है। विश्वविद्यालय में खाली पड़ी करीब 2400 पीजी सीटों को भरने के लिए आयोजित होने वाली स्पॉट राउंड प्रवेश प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। प्रवेश प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण समर्थ पोर्टल से सीट आवंटन से जुड़ा डेटा प्राप्त नहीं होना बताया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन को 16 जुलाई से पीजी प्रवेश के लिए पहला स्पॉट राउंड शुरू करना था। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दूसरा स्पॉट राउंड कराया जाना था। लेकिन नई दिल्ली स्थित समर्थ पोर्टल से अभ्यर्थियों के सीट आवंटन संबंधी आंकड़े नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
निर्धारित कार्यक्रम में हो सकता है बदलाव
बीएचयू की योजना के अनुसार 16 जुलाई को पहला स्पॉट राउंड, जबकि इसके कुछ दिन बाद दूसरा स्पॉट राउंड आयोजित किया जाना था। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को 27 और 28 जुलाई को संबंधित विभागों और कॉलेजों में रिपोर्टिंग करनी थी। योजना के तहत 30 जुलाई से पीजी के नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं शुरू होनी थीं।
लेकिन प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण अब पूरे कार्यक्रम में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। यदि समय पर स्पॉट राउंड शुरू नहीं हुआ तो विद्यार्थियों की रिपोर्टिंग और दस्तावेज सत्यापन की तिथियां भी आगे बढ़ सकती हैं।
छात्रों को सीट आवंटन का इंतजार
बीएचयू के प्रवेश पोर्टल पर जारी सूचना में बताया गया है कि समर्थ पोर्टल से अभी तक छात्रों के सीट आवंटन का डेटा प्राप्त नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय को जैसे ही यह जानकारी उपलब्ध होगी, उसके बाद स्पॉट राउंड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार डेटा मिलने के बाद भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में लगभग तीन से चार दिन का समय लग सकता है। चूंकि पीजी की बची हुई सीटों के लिए दो चरणों में स्पॉट राउंड आयोजित किया जाना है, ऐसे में कक्षाएं शुरू होने की तय तारीख आगे खिसक सकती है।
अगस्त में शुरू हो सकती हैं पीजी कक्षाएं
प्रवेश प्रक्रिया में देरी जारी रहने पर नए सत्र की पीजी कक्षाओं का शुभारंभ जुलाई के अंतिम सप्ताह के बजाय अगस्त में होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी स्पॉट राउंड शुरू होने और सीट आवंटन की सूचना का इंतजार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन समर्थ पोर्टल से डेटा मिलने के बाद ही आगे की प्रवेश प्रक्रिया और संशोधित कार्यक्रम जारी करेगा।
