(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया। मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव में बुधवार देर रात एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटे ने पिता पर बेहद करीब से कई राउंड फायर किए, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है, जो क्षेत्र के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। पुलिस के मुताबिक, परिवार के भीतर लंबे समय से करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी बेटा निखिल (32) पिता पर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन हरिओम इसके लिए तैयार नहीं थे।
शराब पीकर घर पहुंचा, डांट पड़ते ही खो बैठा आपा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात हरिओम चौधरी अपने परिवार के साथ भोजन करने के बाद घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा निखिल देर रात शराब के नशे में घर लौटा। पिता ने उसके शराब पीकर आने पर नाराजगी जताई और उसे फटकार लगाई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अवैध पिस्टल निकाल ली। पहले पिता से धक्का-मुक्की हुई और फिर उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। पुलिस के अनुसार, पिता के चेहरे, सीने और पेट में कुल छह गोलियां लगीं। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था।
पत्नी और छोटे बेटे के सामने हुई वारदात
घटना के समय मृतक की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी घर में मौजूद थे। शोर सुनकर दोनों मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक निखिल पिता पर फायरिंग कर चुका था। पति को खून से लथपथ देखकर पत्नी की चीख निकल गई। परिजनों की मदद से हरिओम को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

150 करोड़ की संपत्ति को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, हरिओम चौधरी के पास लगभग 75 बीघा कृषि भूमि और दिल्ली-मेरठ रोड स्थित जीवन अस्पताल के सामने एक व्यावसायिक मार्केट है। परिवार की कुल संपत्ति का अनुमान करीब 150 करोड़ रुपये लगाया जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि हरिओम अपने बड़े बेटे निखिल को पहले ही करीब 25 बीघा जमीन और मार्केट में दुकानें दे चुके थे। इसके बावजूद आरोपी बाकी संपत्ति भी अपने नाम करवाने का लगातार दबाव बना रहा था। पिता को आशंका थी कि बेटा जमीन बेचकर शराब और अन्य गलत गतिविधियों में पैसा खर्च कर देगा, इसलिए उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।
पहले भी छोटे भाई पर कर चुका है हमला
पुलिस जांच में आरोपी का आपराधिक व्यवहार भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, करीब आठ वर्ष पहले निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी गोली चला दी थी। उस घटना में नीशू की जान बच गई थी। इसके बावजूद परिवार के भीतर विवाद लगातार बना रहा।
चार पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर मोदीनगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और घरेलू तनाव हत्या की मुख्य वजह सामने आए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
