वाराणसी (रणभेरी): राजातालाब का ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध दो दिवसीय भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेला 16 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, लेकिन मेले से पहले रथमार्ग की जर्जर हालत श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिन रास्तों से भगवान जगन्नाथ का रथ परंपरागत रूप से भैरव तालाब तक पहुंचता है, वहां जगह-जगह गहरे गड्ढे, सीवर के गंदे पानी का जमाव और खुले नाले दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे हैं।
रथयात्रा राजातालाब, रानीबाजार, कचनार, बीरभानपुर और हरपुर होते हुए लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करती है। पूरे मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। गड्ढों में सीवर और नालों का गंदा पानी भरा हुआ है, जबकि कई जगह नालों के चैंबर खुले पड़े हैं। ऐसे में रथ के साथ चलने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मार्ग किसी जोखिम से कम नहीं है।

यह मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जिसमें आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के जिलों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। मेले के दौरान पूरे मार्ग पर भारी भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

रथयात्रा का शुभारंभ रानीबाजार स्थित महाराजा बलवंत सिंह विधि महाविद्यालय परिसर से होता है, जहां काशीराज परिवार के प्रतिनिधि कुंवर अनंत नारायण सिंह पारंपरिक रूप से रथ खींचकर यात्रा का शुभारंभ करते हैं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहती है। इसके बावजूद रथमार्ग की बदहाल स्थिति लोगों में नाराजगी का कारण बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क और नालों की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है और हर बार मेले से पहले केवल आश्वासन ही मिलता है।
अब जबकि मेले की शुरुआत में बेहद कम समय बचा है, लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने मांग की है कि रथयात्रा से पहले पूरे मार्ग की तत्काल मरम्मत, गड्ढों की भराई, खुले चैंबरों को ढंकने और जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए, ताकि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
