वाराणसी (रणभेरी) : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन के अवसर पर वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा बटोरी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जहां धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की, वहीं इन आयोजनों के जरिए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और राजनीतिक संदेश भी सामने रखने का प्रयास किया गया।
समाजवादी पार्टी महानगर युवजन सभा के तत्वावधान में बुधवार सुबह वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। सूर्योदय के समय सात वैदिक विद्वानों ने मंत्रोच्चार के बीच नदी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख-समृद्धि और अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का विशाल कटआउट स्थापित कर उसका दुग्धाभिषेक भी किया। आयोजन में उन्हें प्रतीकात्मक रूप से वरुणा नदी के पुनर्जीवन का समर्थक बताते हुए “भगीरथ” का नाम दिया गया है।

वरुणा कॉरिडोर को फिर बनाया राजनीतिक मुद्दा
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान प्रस्तावित वरुणा कॉरिडोर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर वाराणसी की वरुणा नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई थी। उनका आरोप रहा कि वर्ष 2017 में सरकार बदलने के बाद इस परियोजना पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी और यह योजना अधूरी रह गई।

पार्टी नेताओं का कहना था कि यदि इस परियोजना को समय पर पूरा किया जाता तो शहर को पर्यावरणीय और पर्यटन दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकता था। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी भविष्य में सत्ता में आने पर इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी।
भाजपा सरकार पर लगाए उपेक्षा के आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई नदियां आज प्रदूषण और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। उनका कहना था कि केवल बड़े-बड़े विकास कार्यों की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि नदियों के वास्तविक संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रभावी योजनाओं की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वाराणसी का नाम ही वरुणा और असि नदियों के आधार पर पड़ा है, लेकिन आज वरुणा नदी की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। उनके अनुसार गंगा सहित अन्य नदियों की स्वच्छता पर बड़ी राशि खर्च किए जाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देते।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का संकेत
महानगर युवजन सभा के अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को मजबूत करते हुए प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को गांव-गांव तक सक्रिय कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान तेज करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन की व्यवस्था में किशन दीक्षित, राहुल गुप्ता, अशोक यादव ‘नायक’, राजू जायसवाल, मनोज सिंह, संदीप मिश्रा, अनूप खरवार, दिलीप कश्यप और राहुल यादव सहित कई नेताओं की सक्रिय भूमिका रही।

नारों के माध्यम से दिया राजनीतिक संदेश
महाआरती के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां भी दिखाई दीं। इनमें नदी संरक्षण, सामाजिक न्याय और आगामी चुनाव को जोड़ने वाले कई नारे लिखे गए थे। इन संदेशों के जरिए पार्टी ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपने राजनीतिक अभियान को भी जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।

श्रीकृष्ण स्वरूप वाले पोस्टर ने भी बटोरी सुर्खियां
जन्मदिन के अवसर पर वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में समाजवादी युवजन सभा की ओर से एक अलग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यहां वैदिक रीति-रिवाज से हवन-पूजन किया गया और अखिलेश यादव की दीर्घायु की कामना की गई।
इस आयोजन में जारी किए गए पोस्टर ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के प्रतीकात्मक स्वरूप में दर्शाया गया था। चित्र में उनके चार हाथ बनाए गए थे और सुदर्शन चक्र के स्थान पर भारतीय संविधान को प्रदर्शित किया गया था।
समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि यह प्रस्तुति न्याय, संविधान और सामाजिक समानता के प्रति अखिलेश यादव की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनके अनुसार अखिलेश यादव लगातार प्रदेश के विभिन्न जनसरोकारों और सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।

जीत का किया दावा
अजय फौजी ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन चुनावी तैयारियों में जुट चुका है और कार्यकर्ता प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे।
राजनीतिक दलों ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शुभकामनाएं दीं। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
अखिलेश यादव का राजनीतिक सफर
1 जुलाई 1973 को इटावा जनपद के सैफई गांव में जन्मे अखिलेश यादव ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद धौलपुर सैन्य विद्यालय में अध्ययन किया। आगे उन्होंने मैसूर से पर्यावरण अभियांत्रिकी में स्नातक तथा ऑस्ट्रेलिया स्थित सिडनी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा उपचुनाव जीतकर उन्होंने संसदीय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद लगातार सांसद रहने के उपरांत वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 38 वर्ष की आयु में उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
