वाराणसी में बदला मौसम का रुख, झमाझम बारिश से मिली राहत; किसानों में बढ़ी उम्मीद, अगले तीन दिन वर्षा के आसार

वाराणसी में बदला मौसम का रुख, झमाझम बारिश से मिली राहत; किसानों में बढ़ी उम्मीद, अगले तीन दिन वर्षा के आसार

वाराणसी (रणभेरी): गुरुवार दोपहर करीब एक बजे वाराणसी में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूप और उमस के बीच आसमान में घने बादल छा गए और लगभग दस मिनट तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर का मौसम सुहावना बना दिया। बारिश के बाद तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान घटकर लगभग 32 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं हवा की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही और वातावरण में नमी का स्तर लगभग 71 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया।

बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। सड़कों पर भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की, जबकि कई इलाकों में हल्का जलभराव भी देखने को मिला। मौसम में आए इस बदलाव ने शहर का वातावरण पूरी तरह बदल दिया।

किसानों के लिए राहत की बारिश

बुधवार को हुई लगभग 52.5 मिलीमीटर वर्षा और गुरुवार की बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी, लू और उमस के कारण धान की नर्सरी प्रभावित हो रही थी। पर्याप्त नमी नहीं मिलने से कई स्थानों पर पौध तैयार नहीं हो पा रही थी और किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही थी।

अब हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे धान की नर्सरी को नई ऊर्जा मिली है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह वर्षा खरीफ सीजन की खेती के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है और इससे आगे की कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

वाराणसी में बदला मौसम का रुख, झमाझम बारिश से मिली राहत; किसानों में बढ़ी उम्मीद, अगले तीन दिन वर्षा के आसार

बुआई की तैयारियां शुरू करने की सलाह

कृषि विशेषज्ञ देवमणि त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान बारिश खेती के लिहाज से बेहद लाभकारी है। उनके अनुसार जैसे ही मौसम साफ हो और खेतों में आवश्यक स्थिति बन जाए, किसान जुताई का कार्य शुरू कर सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि धान के अलावा तिलहनी और दलहनी फसलों की बुआई भी इस समय उपयुक्त रहेगी। इसके साथ ही मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी खरीफ फसलों की बुआई भी प्रारंभ की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार बारिश होती रही तो खरीफ सीजन की खेती को अच्छा लाभ मिलेगा और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना

मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार क्षेत्र में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से आगामी तीन दिनों तक वाराणसी और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पूरे वर्ष के दौरान कुल वर्षा सामान्य से कुछ कम रह सकती है।

उनका कहना है कि जून महीने में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का आंकड़ा काफी पीछे रह गया है, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बारिश की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है तो खेती के साथ-साथ पेयजल और जलाशयों की स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।

जून में सामान्य से बेहद कम हुई वर्षा

मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष जून महीने में वाराणसी में सामान्य के मुकाबले लगभग 92 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जहां सामान्य परिस्थितियों में जून के दौरान करीब 88.2 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार केवल 6.8 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई।

उन्होंने कहा कि जुलाई में लगातार भारी वर्षा होने के संकेत फिलहाल नहीं मिल रहे हैं। हालांकि समय-समय पर अच्छी बारिश के कुछ दौर देखने को मिल सकते हैं, जो खेती और जल संसाधनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

लोगों को गर्मी से मिली राहत

गुरुवार की बारिश के बाद शहर का तापमान कम होने से लोगों ने राहत महसूस की। कई दिनों से जारी तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था, लेकिन अचानक बदले मौसम ने वातावरण को ठंडक प्रदान की। मौसम विभाग का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *