वाराणसी (रणभेरी): भेलूपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एसीपी कार्यालय के ठीक सामने स्थित एक मोबाइल टावर में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब टावर पर मरम्मत और तकनीकी कार्य चल रहा था। अचानक उठी लपटों और धुएं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही पलों में टावर के ऊपरी हिस्से से तेज धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोग घबरा गए और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय टावर पर काम कर रहे सभी कर्मचारी पहले ही नीचे उतर चुके थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मोबाइल टावर के बिल्कुल बगल में एक पेट्रोल पंप स्थित है, जिसके कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। आग की सूचना मिलते ही एहतियातन पेट्रोल पंप को तुरंत बंद करा दिया गया, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। लोगों का कहना है कि यदि आग की लपटें पेट्रोल पंप तक पहुंच जातीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
घटना के दौरान टावर से उठ रही चिंगारियां आसपास के क्षेत्र तक पहुंचने लगीं। इसी बीच एक चिंगारी उड़कर एक व्यक्ति की टी-शर्ट तक पहुंच गई, जिससे वह आंशिक रूप से जल गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आग लगने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। बताया गया कि सूचना दिए जाने के लगभग 30 से 40 मिनट बाद दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुंच सकी।
घटना के बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के मोबाइल टावरों को घनी आबादी और व्यस्त क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।
उधर, पेट्रोल पंप के संचालक राम यादव ने बताया कि आग लगने की जानकारी मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड और संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दी गई। एहतियात के तौर पर पेट्रोल पंप को तत्काल बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने तक पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बना रहा। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
