किसान की बेटी पहुंची अंतरराष्ट्रीय मंच तक: सर्बिया में किया भारत का प्रतिनिधित्व

किसान की बेटी पहुंची अंतरराष्ट्रीय मंच तक: सर्बिया में किया भारत का प्रतिनिधित्व

वाराणसी (रणभेरी): मिर्जापुर के पचेंगड़ा गांव की रूपा पटेल ने बेलग्रेड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया शोध, सूक्ष्मजीवों के जरिए कृषि सुधार पर रखे विचार

जिले के अदलहाट क्षेत्र के पचेंगड़ा गांव की एक होनहार बेटी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न केवल परिवार बल्कि पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करने वाली रूपा पटेल ने सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

रूपा पटेल, जो वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान में पीएचडी शोधार्थी हैं, ने दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव विज्ञान सम्मेलन-2026 में अपने शोध कार्य को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। इस सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देशों से वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए, जहां विज्ञान और तकनीक से जुड़े नवीनतम अनुसंधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सम्मेलन के दौरान रूपा पटेल ने पोस्टर प्रस्तुति और फ्लैश टॉक के माध्यम से अपने शोध विषय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनका शोध सूक्ष्मजीवों के वैज्ञानिक उपयोग के जरिए सब्जी फसलों की गुणवत्ता, उत्पादकता और पोषण क्षमता को बेहतर बनाने पर आधारित है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार का शोध भविष्य की कृषि व्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सकती है। वर्तमान समय में जब टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों पर जोर दिया जा रहा है, ऐसे में यह शोध काफी उपयोगी माना जा रहा है।

रूपा पटेल की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वह अपने गांव की पहली छात्रा हैं जो बीएचयू से पीएचडी कर रही हैं और साथ ही यूरोप में आयोजित किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त करने वाली पहली छात्रा बनी हैं। उनकी सफलता ने ग्रामीण क्षेत्र की कई छात्राओं और युवाओं को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी है।

रूपा पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ संवाद करने, नई शोध तकनीकों को समझने तथा अपने कार्य को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस अनुभव से उन्हें अपने भविष्य के शोध कार्य के लिए भी नई दिशा मिली है।

सम्मेलन में उनकी प्रतिभा और शोध की उपयोगिता को देखते हुए उनका चयन “ग्रांट अवार्डी” के रूप में भी किया गया, जो उनकी उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। वर्तमान में वह प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर अमितावा रक्षित के निर्देशन में अपना शोध कार्य कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में किया जा रहा यह अध्ययन कृषि विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण और नवाचारपूर्ण योगदान के रूप में देखा जा रहा है।

रूपा पटेल की इस उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सामाजिक और क्षेत्रीय स्तर पर लोगों ने इसे मिर्जापुर के लिए गर्व का विषय बताया है। हरिवंश सिंह, अनिल सिंह, निराले सिंह, शैलेन्द्र सिंह, विनोद कुमार सिंह सहित क्षेत्र के अनेक लोगों ने रूपा पटेल को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की रूपा पटेल की यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प, शिक्षा और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनकी सफलता आज कई युवा छात्राओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बन रही है।

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