वाराणसी में 19 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत: 3 महीने की प्रेग्नेंसी, बॉयफ्रेंड ने जबरन खिलाई अबॉर्शन पिल्स

वाराणसी में 19 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत: 3 महीने की प्रेग्नेंसी, बॉयफ्रेंड ने जबरन खिलाई अबॉर्शन पिल्स

वाराणसी (रणभेरी): शहर के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली 19 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्रा लगभग तीन माह की गर्भवती थी और उसके प्रेमी ने कथित रूप से उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया था। पुलिस के अनुसार, गर्भपात की दवा लेने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी मौत हो गई।

बुधवार सुबह छात्रा का शव हॉस्टल की सीढ़ियों पर खून से सना हुआ मिला था। घटना की जानकारी उस समय हुई जब भवन में काम करने पहुंचे एक इलेक्ट्रीशियन की नजर बेहोश पड़ी छात्रा पर पड़ी। उसने शोर मचाया तो सुरक्षा कर्मी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में छात्रा को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और उसके संपर्कों की जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान हॉस्टल के सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को बताया कि छात्रा अक्सर एक युवक से मिलने हॉस्टल आती थी। जानकारी के आधार पर पुलिस ने जौनपुर निवासी मोहम्मद समीर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण बातें स्वीकार कीं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने बताया कि दोनों के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध थे। कुछ समय पहले छात्रा ने गर्भवती होने की जानकारी दी थी। जांच कराने पर गर्भधारण की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों ने गर्भपात कराने के लिए चिकित्सकों से संपर्क किया, लेकिन आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और अभिभावकों की अनुपस्थिति के कारण बात नहीं बन सकी।

आरोप है कि इसके बाद युवक ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर गर्भपात की दवा का इंतजाम किया। उसने छात्रा को दवा लेने के लिए राजी करने का प्रयास किया। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि छात्रा इस निर्णय को लेकर असहज थी और उसने शादी करने की बात भी कही थी, लेकिन उसने उसकी बात नहीं मानी।

बुधवार सुबह छात्रा हॉस्टल पहुंची थी। कुछ समय बाद उसे दवा दी गई। पुलिस के अनुसार, दवा लेने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे पेट में तेज दर्द, उल्टी और लगातार रक्तस्राव की शिकायत हुई। छात्रा ने अस्पताल ले जाने की मांग की, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिल सका।
जांच में यह भी सामने आया है कि हालत बिगड़ने पर छात्रा कमरे से बाहर निकली और सीढ़ियों की ओर बढ़ी। इसी दौरान वह बेहोश होकर गिर गई। युवक ने पुलिस को बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव देखकर वह घबरा गया और छात्रा को वहीं छोड़कर अपने घर चला गया।

मृतका के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में चंदौली जनपद में तैनात बताए जाते हैं। परिवार वाराणसी में रहता है। छात्रा जीएनएम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी, जबकि आरोपी युवक उसी संस्थान में तृतीय वर्ष का छात्र है।

वाराणसी में 19 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत: 3 महीने की प्रेग्नेंसी, बॉयफ्रेंड ने जबरन खिलाई अबॉर्शन पिल्स

पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ महीने पहले भी छात्रा का गर्भपात कराया गया था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से कई फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

हॉस्टल के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि छात्रा पिछले दो दिनों से लगातार परिसर में आ-जा रही थी। घटना वाले दिन भी वह सुबह अकेले हॉस्टल पहुंची थी और सीधे कमरे की ओर गई थी। बाद में उसकी हालत गंभीर होने की सूचना मिली।

मामले में पुलिस ने दो चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की और स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के उन्नत चरण में बिना चिकित्सकीय सलाह गर्भपात की दवा लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण और अन्य गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से गंभीर परिणामों को रोका जा सकता है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।

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