वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण के बाद मंगलवार को राजधानी के कैंट रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जमावड़ा देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों से निकलने के बाद हजारों अभ्यर्थी अपने-अपने गृह जनपदों और पड़ोसी राज्यों के लिए रवाना होने स्टेशन पहुंचे, जिससे प्लेटफार्मों पर अचानक भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन के प्रमुख प्लेटफार्म कुछ ही समय में यात्रियों और अभ्यर्थियों से पूरी तरह भर गए। भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि लोगों को खड़े रहने तक की जगह मुश्किल से मिल रही थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
भीड़ नियंत्रण में जुटी रही सुरक्षा एजेंसियां
रेलवे अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को ट्रैक की ओर जाने से रोकना थी। इसके लिए सुरक्षा कर्मियों की कतार लगाकर बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्था की गई। ट्रेनों के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक साथ डिब्बों में चढ़ने का प्रयास करते दिखाई दिए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
सुरक्षा बलों और रेलवे कर्मचारियों ने लगातार यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से ट्रेन में चढ़ाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया जा सका और ट्रेनों का संचालन जारी रखा गया।
सामान्य डिब्बों के साथ एसी कोचों में भी बढ़ा दबाव
भीड़ का असर ट्रेनों के लगभग सभी डिब्बों में देखने को मिला। कई ट्रेनों के सामान्य श्रेणी के डिब्बे पूरी तरह भर गए, जिसके बाद कुछ यात्री और अभ्यर्थी अन्य कोचों में भी प्रवेश करने लगे। यात्रियों के अनुसार, कई डिब्बों में बैठने की तो बात दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं बची थी।
स्थिति ऐसी रही कि कुछ लोगों को डिब्बों के दरवाजों और गलियारों में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। महिला अभ्यर्थियों को भी भारी भीड़ के बीच ट्रेन में सवार होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई यात्री ट्रेन में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करते नजर आए।
लंबी दूरी की ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव
बिहार और पूर्वी क्षेत्रों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। इन ट्रेनों के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उनमें सवार होने के लिए दौड़ पड़े। कुछ ट्रेनों में इतनी भीड़ रही कि यात्रियों को अंदर प्रवेश करने में काफी समय लग गया।

रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के स्टेशन पहुंचने से यात्री दबाव अचानक बढ़ गया, जिसका असर कई ट्रेनों पर देखने को मिला।
अभ्यर्थियों ने अतिरिक्त व्यवस्था की उठाई मांग
परीक्षा देकर लौट रहे कई अभ्यर्थियों ने परिवहन व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दूसरे जिलों तथा राज्यों से आते हैं। ऐसे में परीक्षा की तिथियों पर विशेष ट्रेनों या अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि पहले से अतिरिक्त रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जातीं तो यात्रियों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर योजना और अतिरिक्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
