वाराणसी: मठ की जमीन को लेकर विवाद, दिव्यांग महंत से मारपीट और धमकी का आरोप; कई लोगों पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी: मठ की जमीन को लेकर विवाद, दिव्यांग महंत से मारपीट और धमकी का आरोप; कई लोगों पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी (रणभेरी): काशी के जैतपुरा थाना क्षेत्र में मठ की संपत्ति को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ दबंग व्यक्तियों ने मठ की भूमि पर कब्जे की नीयत से निर्माण कार्य में बाधा डाली, बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त कर दी और विरोध करने पर दिव्यांग महंत के साथ मारपीट करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा से संबद्ध श्री भीम बाबा मठ के महंत जितेंद्र गिरी ने जैतपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह शक्कर तालाब, अलईपुर स्थित मठ की देखरेख करते हैं। महंत के अनुसार, मठ की एक अन्य संपत्ति माता शैलपुत्री देवी मंदिर के सामने स्थित है, जहां गणेश मंदिर स्थापित है और उसकी सुरक्षा के लिए पुरानी बाउंड्रीवॉल की मरम्मत कराई जा रही थी।

महंत का आरोप है कि 7 जून की दोपहर कुछ स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और डराने-धमकाने की कोशिश की गई। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।

वाराणसी: मठ की जमीन को लेकर विवाद, दिव्यांग महंत से मारपीट और धमकी का आरोप; कई लोगों पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित के मुताबिक, उसी दिन शाम के समय कुछ लोग दोबारा मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल को नुकसान पहुंचाया। जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो कई लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया। शोरगुल होने पर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

घटना के बाद महंत ने पुलिस सहायता नंबर 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। तहरीर के आधार पर जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलवा, मारपीट, धमकी, अपमानजनक व्यवहार और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक संस्थानों और उनकी संपत्तियों से जुड़े मामलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या अवैध कब्जे की आशंका को समय रहते रोका जा सके। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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