(रणभेरी) : शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रत्नेश यादव की जान चली गई, जबकि कार में सवार उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। दुर्घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टक्कर की भयावहता साफ देखी जा सकती है।
पुलिस के अनुसार घटना रात लगभग एक बजे की है। हंडिया क्षेत्र के दमदम गांव निवासी रत्नेश यादव अपने तीन मित्रों के साथ कार से शहर में जा रहे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक वाहन के सामने एक कुत्ता आ गया, जिससे चालक का नियंत्रण कार पर नहीं रह सका और तेज रफ्तार वाहन सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराया।
पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार
जानकारी के मुताबिक रत्नेश यादव अपने मित्र हिमांशु त्रिपाठी, सूर्या यादव और संदीप कुमार के साथ रात में भोजन करने के बाद लौट रहे थे। कार हिमांशु चला रहे थे, जबकि रत्नेश पीछे की सीट पर बैठे थे। दोसा प्लाजा चौराहे के निकट पहुंचते ही अचानक सामने आए जानवर को बचाने की कोशिश में वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पेड़ से टकरा गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का बायां अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रत्नेश यादव को मृत घोषित कर दिया।

एयरबैग खुलने से चालक की बची जान
घटना में कार चला रहे हिमांशु त्रिपाठी को भी चोटें आईं, लेकिन ड्राइवर सीट का एयरबैग समय पर खुल जाने के कारण उनकी जान बच गई। वहीं सूर्या यादव और संदीप कुमार को गंभीर चोटें आई हैं। तीनों घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
राजनीति के साथ व्यवसाय में भी सक्रिय थे रत्नेश
रत्नेश यादव समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी में वर्ष 2021 से प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत थे। राजनीति के अलावा वे प्रिंटिंग व्यवसाय से भी जुड़े हुए थे। कीडगंज के नेता नगर क्षेत्र में उनकी “ग्लोबल ग्राफिक्स” नाम से एक बड़ी प्रिंटिंग प्रेस संचालित होती थी, जहां फ्लेक्स, बैनर, होर्डिंग और अन्य प्रचार सामग्री तैयार की जाती थी।
परिवार ने उठाए कुछ सवाल
मृतक के छोटे भाई मिथलेश यादव ने बताया कि हादसे से पहले शाम के समय रत्नेश के पास किसी व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने रात में मुलाकात की बात कही थी। परिवार के अनुसार रत्नेश ने रात लगभग 11 बजे एक रेस्टोरेंट में फोन कर चार लोगों के लिए भोजन तैयार रखने को कहा था।
बताया गया कि रेस्टोरेंट पहुंचने के बाद उन्होंने भोजन कार में ही मंगवाया था। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ वहां से रवाना हुए। कुछ देर बाद सड़क दुर्घटना की सूचना परिवार को पुलिस द्वारा दी गई।

मिथलेश यादव ने दावा किया कि उनके भाई के सिर पर गंभीर चोटें थीं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर अपेक्षाकृत कम चोट दिखाई दे रही थी। उन्होंने घटना को लेकर कुछ सवाल भी उठाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में मामला सड़क दुर्घटना का ही प्रतीत हो रहा है।
सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर
सिविल लाइंस क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। प्रारंभिक जांच में यह सड़क हादसा नजर आ रहा है। कार में मौजूद अन्य तीन लोगों से भी पूछताछ की गई है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में पसरा मातम
रत्नेश यादव अपने पीछे पत्नी अंशु यादव और जुड़वां बेटियां रिद्धि एवं सिद्धि को छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को उनके आवास पर बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और स्थानीय लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
पुलिस फिलहाल दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घायलों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आ सकेगा।
