(रणभेरी): जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि उससे उसके पति की मानसिक बीमारी की जानकारी छिपाकर विवाह कराया गया। जब उसे सच्चाई का पता चला और उसने विरोध किया, तो उसे प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। साथ ही उसके जेवरात और नकदी भी वापस नहीं की गई।
पीड़िता मूल रूप से देवरिया जनपद की निवासी है। उसके अनुसार, 21 नवंबर 2025 को शाहपुर क्षेत्र के एक युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका विवाह संपन्न हुआ था। विवाह समारोह एक स्थानीय मैरिज हॉल में आयोजित किया गया था। परिवार की ओर से दहेज के रूप में नकद राशि, सोने के आभूषण और अन्य घरेलू सामान दिया गया था।
महिला ने बताया कि शादी के बाद जब वह पहली बार ससुराल पहुंची, तो उसने देखा कि उसका पति दवा लेने के बाद लगातार दो दिनों तक सोता रहा। इस पर उसे संदेह हुआ और उसने परिवार के लोगों से इसकी वजह पूछी। सास ने उसे भरोसा दिलाते हुए कहा कि बेटे ने घबराहट के कारण दवा ली है और जल्द ही सामान्य हो जाएगा।
हालांकि, महिला को बात संदिग्ध लगी। उसने पति के इलाज से जुड़े कुछ मेडिकल दस्तावेजों और पर्चियों की तस्वीर लेकर अपने परिचित चिकित्सक को भेजी। चिकित्सक से मिली जानकारी के बाद उसे पता चला कि उसके पति का लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है और वह नियमित रूप से दवाइयां ले रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि यह जानकारी विवाह से पहले उससे और उसके परिवार से जानबूझकर छिपाई गई। जब उसने इस विषय में अपने ससुराल वालों से जवाब मांगा, तो उन्होंने कथित रूप से स्वीकार किया कि युवक पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। महिला का कहना है कि उसके ससुर ने उसे समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि बेटे की कमी के बावजूद परिवार उसके भविष्य का ध्यान रखेगा।
महिला के अनुसार, उसने इस पूरे घटनाक्रम का विरोध किया तो सास-ससुर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्द कहे। बाद में उसने अपने मायके वालों को सारी जानकारी दी। जनवरी 2026 में उसके परिवार के सदस्य ससुराल पहुंचे और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास किया।
पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के दौरान ससुराल पक्ष ने न केवल उसे धमकाया बल्कि उसके मायके वालों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। जब परिवार ने विवाह में दिए गए सामान और आभूषण वापस करने की मांग की, तो कथित रूप से इनकार कर दिया गया। इसके बाद महिला को घर से बाहर निकाल दिया गया।
महिला का कहना है कि उसके सभी जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में हैं। साथ ही उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे वे भय और मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
न्याय की मांग को लेकर पीड़िता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, दिल्ली महिला आयोग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायत भेजी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए।
शाहपुर थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पति, सास और ससुर के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शाहपुर थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
