वाराणसी (रणभेरी): डीजल-पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों और वाहनों के रखरखाव पर बढ़ रहे खर्चों के चलते वाराणसी के टैक्सी संचालकों ने किराए में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। शुक्रवार को शहर के एक होटल में आयोजित वाराणसी टूरिज्म एसोसिएशन की अहम बैठक में सर्वसम्मति से टैक्सी किरायों में प्रति किलोमीटर 2 रुपये की वृद्धि लागू करने की घोषणा की गई। नई दरें तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दी गई हैं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से टैक्सी किरायों में कोई संशोधन नहीं किया गया था, जबकि इस दौरान ईंधन, वाहन बीमा, सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स और कर्मचारियों के खर्च में लगातार इजाफा हुआ है। संचालकों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में पुरानी दरों पर संचालन करना मुश्किल हो गया था।
नई किराया दरें लागू
एसोसिएशन द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब विभिन्न वाहनों का किराया इस प्रकार होगा-
- डिजायर : 13 रुपये प्रति किलोमीटर
- एर्टिगा : 16 रुपये प्रति किलोमीटर
- इनोवा क्रिस्टा : 20 रुपये प्रति किलोमीटर
- टेम्पो ट्रैवलर : 30 रुपये प्रति किलोमीटर
- अर्बनिया : 35 रुपये प्रति किलोमीटर
हालांकि, न्यूनतम रनिंग किलोमीटर की पुरानी व्यवस्था को यथावत रखा गया है। लोकल यात्रा के लिए प्रतिदिन 200 किलोमीटर और आउटस्टेशन बुकिंग के लिए 250 किलोमीटर की न्यूनतम बिलिंग पहले की तरह लागू रहेगी।
कई दौर की बैठकों के बाद लिया गया निर्णय
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि किराया बढ़ाने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि बीते कई दिनों से शहर के अलग-अलग टैक्सी संगठनों और वाहन मालिकों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। उनका कहना था कि वर्ष 2018 के बाद पहली बार किराए में संशोधन किया गया है।
बैठक में मौजूद टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोगों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने इस व्यवसाय को प्रभावित किया है। ईंधन की कीमतों के साथ-साथ टोल टैक्स, रोड टैक्स और वाहनों के मेंटेनेंस खर्च में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।

वन टाइम टैक्स के खिलाफ नाराजगी
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टैक्सी वाहनों पर लागू किए गए वन टाइम टैक्स का भी जोरदार विरोध किया गया। संचालकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा नई और पुरानी टैक्सियों पर एकमुश्त 15 वर्षों का रोड टैक्स जमा करने का आदेश दिया गया है, जिससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
टैक्सी ऑपरेटर्स का कहना है कि 3 से 4 वर्ष पुरानी गाड़ियों पर भी अचानक लाखों रुपये जमा करने की बाध्यता अनुचित है। उनका दावा है कि कई छोटे वाहन मालिक इतनी बड़ी रकम एक साथ जमा करने की स्थिति में नहीं हैं।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है तो प्रदेशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पदाधिकारियों के अनुसार राज्य के कई जिलों में टैक्सी संचालकों के बीच असंतोष बढ़ रहा है और कई स्थानों पर विरोध स्वरूप वाहन संचालन प्रभावित होने लगा है। बैठक में बड़ी संख्या में टैक्सी संचालक और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सरकार से वन टाइम टैक्स नीति वापस लेने की मांग की।
