वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार गुरुवार को धार्मिक श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। विभिन्न इलाकों में लोगों ने तय समय पर ईद की नमाज अदा कर देश में शांति, तरक्की और सौहार्द की दुआ मांगी।
शहर की सैकड़ों मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से नमाज का सिलसिला शुरू हो गया था। मदनपुरा, नई सड़क, बेनियाबाग, दालमंडी, नदेसर और जैतपुरा समेत मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सुबह से ही चहल-पहल दिखाई दी। लोग नए कपड़ों और पारंपरिक पहनावे में परिवार के साथ नमाज के लिए पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।

बाजारों में देर रात तक रही रौनक
बकरीद को लेकर शहर के बाजारों में भी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने त्योहार के लिए कपड़े, टोपी, इत्र, सेवइयां और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी की। बेनियाबाग का प्रमुख बकरा बाजार बंद रहने के बावजूद कई मोहल्लों और गलियों में अस्थायी पशु बाजार सजाए गए, जहां देर रात तक खरीदारी चलती रही।
कुर्बानी के जानवरों की खरीद-फरोख्त में इस बार खासा उत्साह नजर आया। शहर में एक महंगे दुंबे की बिक्री चर्चा का विषय बनी रही, जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये बताई गई।
नमाज के बाद अदा की गई कुर्बानी
ईद की नमाज पूरी होने के बाद लोगों ने घरों और निर्धारित परिसरों में कुर्बानी की रस्म निभाई। प्रशासन की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए गए थे कि सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर किसी प्रकार की कुर्बानी न की जाए। लोगों ने भी नियमों का पालन करते हुए घरों के भीतर ही धार्मिक परंपराएं पूरी कीं।

धर्मगुरुओं ने दी संयम बरतने की सलाह
शहर के धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने लोगों से त्योहार को सादगी और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी ने कहा कि कुर्बानी से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए। साथ ही अवशेषों को नगर निगम द्वारा तय स्थानों पर ही डालने की अपील की गई ताकि साफ-सफाई और व्यवस्था बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
बकरीद को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। नदेसर स्थित मस्जिद समेत कई प्रमुख नमाज स्थलों पर अधिकारियों ने खुद पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीसीपी वरुणा जोन, कैंट थाना और चौकी स्तर के अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त करते रहे। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और वीडियोग्राफी का भी सहारा लिया।
पुलिस प्रशासन ने जारी किए थे सख्त निर्देश
त्योहार से पहले पुलिस आयुक्त ने शहर के प्रमुख इलाकों में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सड़क या सार्वजनिक स्थलों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक लगाने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई थी।
पुलिस प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों से भी संवाद किया। प्रशासनिक सतर्कता और लोगों के सहयोग से पूरे शहर में बकरीद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
