वाराणसी (रणभेरी): शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सिम स्वैप तकनीक और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड और नकदी बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह पहले लोगों की निजी जानकारी जुटाता था, फिर मोबाइल सिम को बंद कराकर नया सिम जारी करवाता था। इसके बाद बैंक खातों से जुड़ी ओटीपी और अन्य जानकारियों का इस्तेमाल कर खातों से रकम उड़ाई जाती थी। आरोपी फर्जी आधार कार्ड की मदद से विभिन्न सीएसपी सेंटरों से नकदी निकालने का काम करते थे।
12 लाख रुपये की ठगी के बाद खुला मामला
बताया गया कि 24 मई 2026 को बलिया निवासी शिवदत्त हरिजन, जो वर्तमान में वाराणसी पुलिस लाइन स्थित इंजीनियर हाल में रह रहे हैं, ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बैंक खाते से करीब 12 लाख रुपये अवैध तरीके से निकाल लिए गए हैं। शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
तकनीकी निगरानी से पुलिस को मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। डीसीपी अपराध के नेतृत्व और एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना की निगरानी में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने 27 मई को वाराणसी क्षेत्र से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने साइबर ठगी से जुड़े कई अहम खुलासे किए।
गिरफ्तार आरोपी बलिया और गाजीपुर के निवासी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र कुमार निवासी मोहम्मदाबाद, जनपद गाजीपुर तथा विनय कुमार निवासी बलिया के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि दोनों लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और अलग-अलग जिलों में लोगों को निशाना बना चुके हैं।
फर्जी दस्तावेजों से निकालते थे नकदी
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी नकली आधार कार्ड तैयार कराते थे और इन्हीं दस्तावेजों के सहारे ग्राहक सेवा केंद्रों से रकम निकालते थे। पुलिस को शक है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी विभिन्न जिलों में सक्रिय हो सकते हैं। इस संबंध में पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
साइबर क्राइम टीम ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल नंबर, बैंक ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद होने या सिम निष्क्रिय होने की स्थिति में तुरंत संबंधित कंपनी और बैंक से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
