आम आदमी की पहुंच से बाहर हुआ मोबाइल बाजार, तीन महीने में 4 हजार से 15 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी
वाराणसी (रणभेरी) : शहर के मोबाइल बाजार में महंगाई की ऐसी मार पड़ी है कि स्मार्टफोन अब आम उपभोक्ता की पहुंच से धीरे-धीरे बाहर होता जा रहा है। पिछले तीन महीनों में अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन की कीमतों में 4 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर बाजार की रफ्तार पर दिख रहा है और दुकानों पर पहले जैसी रौनक गायब होती जा रही है।
मोबाइल कारोबारियों के मुताबिक सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप यानी रैम और रोम की कीमतों में तेज उछाल है। चीन से सप्लाई प्रभावित होने और ग्लोबल चिप संकट के चलते कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ा है। पहले जो स्मार्टफोन 6 हजार रुपये में मिल जाता था, वही अब करीब 10 हजार रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह 11 हजार रुपये वाला मॉडल अब 16 हजार रुपये के आसपास बिक रहा है। बढ़ती कीमतों ने बजट सेगमेंट को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।

महंगाई का सबसे बड़ा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ा है। 10 से 12 हजार रुपये के बजट में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहक अब कीमतें सुनकर लौट जा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि करीब 25 प्रतिशत ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं।
कई उपभोक्ता या तो पुराने फोन से ही काम चला रहे हैं या फिर नए फोन की जगह सेकेंड हैंड विकल्प देख रहे हैं।
बाजार में अब नकद खरीदारी की जगह किस्तों (ईएमआई) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दुकानदारों के अनुसार ग्राहक अब फोन खरीदने से पहले ईएमआई विकल्प जरूर पूछ रहे हैं।
वहीं कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ऑफर और डिस्काउंट भी पहले जैसी राहत नहीं दे पा रहे हैं। त्योहारों के सीजन को लेकर उम्मीद जरूर बनी हुई है, लेकिन व्यापारी मानते हैं कि जब तक सप्लाई और लागत स्थिर नहीं होती, राहत मुश्किल है। मोबाइल कारोबारियों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है। नई लॉन्चिंग के बावजूद ग्राहक सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं। कुल मिलाकर स्मार्टफोन अब तकनीकी जरूरत से ज्यादा एक महंगे खर्चे में बदलता जा रहा है, जिसका सीधा असर आम जनता की डिजिटल पहुंच पर पड़ रहा है।
