वाराणसी (रणभेरी): प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा हाल ही में आध्यात्मिक नगरी वाराणसी (काशी) पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 48 घंटे बिताकर प्रमुख धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना की। अपनी यात्रा के दौरान वे बाबा विश्वनाथ के दरबार में करीब एक घंटे तक ध्यानमग्न रहे और शिव स्तुति का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने काल भैरव मंदिर में भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि वे काशी में मानसिक और आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए थे। उन्होंने बताया कि यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही और यहां आकर उन्हें गहरा सुकून महसूस हुआ। उन्होंने शहर में हुए विकास कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि अब श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं पहले की तुलना में काफी बेहतर हो गई हैं।

बचपन से ही रंगमंच से जुड़ाव
अखिलेंद्र मिश्रा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि गांव में दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित होने वाले नाटकों से उनकी रुचि अभिनय में बढ़ी। उन्होंने कहा कि एक बार एक नाटक में छोटे बच्चे की भूमिका के लिए उन्हें चुना गया, जो उनके जीवन का यादगार पल था। उस समय गांव में बिजली की सुविधा नहीं थी और वे लालटेन की रोशनी में अभ्यास किया करते थे। इसी अनुभव ने उन्हें अभिनय के प्रति पूरी तरह समर्पित कर दिया।
अमिताभ बच्चन के रहे दीवाने
अभिनेता ने यह भी साझा किया कि बचपन में जहां परिवार को उनका नाटक करना अच्छा लगता था, वहीं बड़े होने पर यही शौक उन्हें खटकने लगा। उन्होंने बताया कि वे छिपकर फिल्में देखने जाया करते थे और खासतौर पर अमिताभ बच्चन के बड़े प्रशंसक थे। उनके अनुसार, उस दौर में बच्चन के पहनावे का युवाओं पर गहरा प्रभाव था और लड़के उनके स्टाइल को अपनाने के लिए पैसे इकट्ठा कर वैसी ही पोशाक सिलवाते थे। अखिलेंद्र मिश्रा की यह काशी यात्रा न केवल उनके आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है, बल्कि उनके जीवन के संघर्ष और अभिनय के प्रति जुनून की कहानी भी बयां करती है।
