वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में जल्द ही यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा मिलने वाली है। शहर में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। ये आधुनिक बसें न केवल शहर के भीतर बल्कि आसपास के इलाकों तक भी संचालित की जाएंगी, जिससे दैनिक यात्रियों और श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। खास बात यह है कि सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी।
यह प्रस्ताव कमिश्नर एस. राजलिंगम की मंजूरी के बाद वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा लखनऊ स्थित मुख्यालय को भेजा गया है। अब इस पर अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
बढ़ती आबादी के अनुसार बसों की जरूरत
वाराणसी में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, जिससे यातायात पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वर्तमान हालात को देखते हुए शहर में बसों की संख्या अपर्याप्त मानी जा रही है। परिवहन मानकों के अनुसार, हर एक लाख की आबादी पर लगभग 30 बसों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से करीब 17 लाख की आबादी वाले इस शहर में 500 से अधिक बसों की जरूरत है। पहले चरण में 200 बसों की मांग भेजी गई है, जबकि शेष 300 बसों का प्रस्ताव मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिनी बस सेवा
इसी के साथ, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा के तहत 77 मिनी बसों का संचालन भी जल्द शुरू होने जा रहा है। 15 से 20 मई के बीच इन बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी है।
इन मिनी बसों का वितरण इस प्रकार होगा:
वाराणसी: 35 बसें
जौनपुर: 20 बसें
सोनभद्र: 14 बसें
चंदौली: 5 बसें
गाजीपुर: 3 बसें
परिवहन निगम द्वारा बस संचालकों को पहले ही आवंटन पत्र जारी किए जा चुके हैं और उन्हें 15 मई तक संबंधित डिपो में बसें जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वी.के. श्रीवास्तव के अनुसार, इन बसों की क्षमता 28 सीट तक होगी और इनका उद्देश्य गांवों के अंतिम छोर को जिला मुख्यालय से जोड़ना है। इससे जहां ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नई इलेक्ट्रिक और मिनी बस सेवाओं के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आम जनता और यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
