लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, सुविधाओं और फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, सुविधाओं और फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज

(रणभेरी): लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक तेज हो गया। विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र दिनभर अलग-अलग समय पर कुलपति कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। हालात तब बिगड़ गए जब कुछ छात्र जबरन गेट खोलकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई।

दोपहर करीब 12 बजे एक छात्र संगठन से जुड़े युवाओं ने कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद करीब 2 बजे दूसरे छात्र संगठन के सदस्य भी पानी, एसी और फीस वृद्धि जैसे मुद्दों को लेकर विरोध में शामिल हो गए। उनका कहना था कि उन्हें कुलपति से मिलने नहीं दिया जा रहा। शाम करीब 3 बजे एक अन्य छात्र संगठन ने भी परिसर में प्रदर्शन किया और दीवारों पर पोस्टर लगाकर विरोध दर्ज कराया।

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, सुविधाओं और फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज

बुनियादी सुविधाओं पर सवाल

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में पीने के पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है और उसका टीडीएस स्तर बहुत अधिक है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा, भीषण गर्मी के बावजूद कैंटीन, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर एसी की व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का हंगामा, सुविधाओं और फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज

गेट बंद होने से बढ़ा आक्रोश

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुलपति कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने इसे अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए जमकर नारेबाजी की।

फीस वृद्धि बना बड़ा मुद्दा

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि प्रवेश परीक्षा और अन्य कोर्सेज की फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर बोझ बढ़ गया है। कुछ छात्रों ने बताया कि पहले जहां प्रवेश परीक्षा शुल्क कम था, अब उसे काफी बढ़ा दिया गया है।

“शिक्षा को महंगा बनाया जा रहा”

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षा को महंगा बना रहा है और गरीब तथा मध्यम वर्ग के छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पुलिस और प्रशासन की कोशिश

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी भी छात्रों से बातचीत करते नजर आए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। दिनभर चले इस विरोध ने विश्वविद्यालय परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया, और फिलहाल छात्रों ने संकेत दिया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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