वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में संविदा कर्मचारियों का धरना रविवार को लगातार 12वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
धरना स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रदर्शन में शामिल एक महिला कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सहकर्मियों के अनुसार, कई दिनों से लगातार धरने पर बैठे रहने, शारीरिक थकान और मानसिक दबाव के कारण उनकी स्थिति खराब हो गई। आनन-फानन में उन्हें विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर सुंदर लाल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

धरने में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि वे बार-बार प्रशासन से वार्ता की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है।
घटना के बाद कर्मचारियों में रोष के साथ चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो इस तरह की घटनाएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और जल्द वार्ता शुरू कर समाधान निकालने की अपील की है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। ऐसे में सभी की नजरें अब विश्वविद्यालय प्रशासन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।
