वाराणसी (रणभेरी): देशभर में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जगह उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, फिर भी समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस बीच, शादी-ब्याह और मांगलिक कार्यक्रमों का सीजन नजदीक आने से लोगों की चिंता और गहरा गई है।
वाराणसी में प्रशासन ने उठाया कदम
इस संकट को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने राहत भरा निर्णय लिया है। अब जिन परिवारों में शादी या अन्य मांगलिक कार्यक्रम होने वाले हैं, उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी तैयारियां गैस की कमी के कारण प्रभावित हो रही थीं।
शादी का कार्ड बना ‘पास’
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित परिवारों को अपनी शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसी या अर्दली बाजार स्थित जिला पूर्ति कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज और सिलेंडरों की संख्या बताने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद संबंधित एजेंसी को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्थायी कनेक्शन और सुरक्षा राशि
जिलापूर्ति विभाग के मुताबिक, आवेदकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। इसके लिए निर्धारित सुरक्षा राशि और शुल्क जमा करना जरूरी होगा। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सिलेंडर लौटाने पर यह सुरक्षा राशि वापस कर दी जाएगी।
केंद्र का नया नियम भी लागू
इस बीच केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी एक अहम फैसला लिया है। अब जिन घरों में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वहां एलपीजी कनेक्शन रखना संभव नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। आगरा जैसे शहरों में इस नियम के चलते बड़ी संख्या में कनेक्शन सरेंडर होने की संभावना है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
समाधान की ओर बढ़ते कदम
प्रशासन ने शादी वाले परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही आम उपभोक्ताओं से भी गैस बुकिंग में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। गैस संकट के बीच प्रशासन की यह पहल राहत देने वाली जरूर है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
