(रणभेरी): देश के प्रमुख उद्योगपति और गौतम अडाणी ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी, पुत्र करण अडाणी और बहू पारिधि अडाणी भी मौजूद रहे। पूरे परिवार ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती में भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण किया।
सुबह करीब 8:30 बजे अडाणी परिवार अहमदाबाद से दो चार्टर्ड विमानों के जरिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। वहां से सीधे राम मंदिर पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में लगभग आधे घंटे बिताने के बाद बाहर आए अडाणी ने इसे “भावुक और गर्व का क्षण” बताया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी दी।

गुरुकुल में छात्रों से संवाद, परंपरा के संरक्षण पर जोर
राम मंदिर दर्शन के बाद गौतम अडाणी ने अयोध्या स्थित गुरुकुल महाविद्यालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की तथा संस्थान की पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा पद्धति को करीब से समझा। उन्होंने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा ही देश का भविष्य गढ़ती है। अडाणी फाउंडेशन आधुनिक तकनीक और AI के दौर में भी गुरुकुल परंपरा के संरक्षण के लिए सहयोग करेगा।

लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात
अयोध्या दौरे के बाद अडाणी लखनऊ के लिए रवाना हो गए, जहां उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रस्तावित है। गौरतलब है कि इससे पहले भी अडाणी 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने अयोध्या आए थे।

शिक्षा और संस्कार का संगम
1935 में स्वामी त्यागानंद द्वारा स्थापित गुरुकुल महाविद्यालय में अडाणी ने अनुशासन, संस्कार और आधुनिक शिक्षा के समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाएं न केवल अच्छे नागरिक बनाती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

