बजड़े पर पार्टी, मांसाहार और अवशेष बहाने के आरोप से गरमाया माहौल
वाराणसी (रणभेरी): आस्था की नगरी वाराणसी में गंगा नदी की मर्यादा को लेकर एक विवादित मामला सामने आया है। सोमवार शाम बीच धारा में एक बड़े बजड़े पर आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान मांसाहारी भोजन परोसने और उसके अवशेष नदी में प्रवाहित करने के आरोप लगे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय युवक द्वारा विशेष इफ्तार के लिए नाव पहले से बुक की गई थी। बीच धारा में नमाज अदा करने के बाद रोजा खोला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पारंपरिक खजूर और फलों के साथ इफ्तार हुआ, लेकिन विवाद तब बढ़ा जब आरोप लगा कि मुख्य भोजन में चिकन बिरयानी परोसी गई और बाद में जूठन गंगा में फेंक दी गई।
घटना के बाद विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। शिकायत में इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोप है कि इस तरह का आयोजन न केवल परंपराओं के विपरीत है, बल्कि इससे शहर का सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और नदी प्रदूषण से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, जिस नाव पर कार्यक्रम हुआ, उसके संचालन और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा में किसी भी प्रकार का कचरा या खाद्य सामग्री प्रवाहित करना नियमों का उल्लंघन है। इस घटना के बाद घाटों और नाव संचालन पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है कि गंगा की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन और प्रभावी निगरानी अब बेहद जरूरी हो गई है।
