बैंकॉक से 25 करोड़ का ‘हाईड्रोपोनिक गांजा’ लेकर वाराणसी पहुंचे तीन तस्कर गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई

बैंकॉक से 25 करोड़ का ‘हाईड्रोपोनिक गांजा’ लेकर वाराणसी पहुंचे तीन तस्कर गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (बाबतपुर) पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए तीन यात्रियों को करोड़ों रुपये के विदेशी गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX-216 बैंकॉक से वाराणसी पहुंची थी। विमान के यात्रियों की जांच के दौरान कस्टम विभाग की टीम को तीन यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उनके सामान को एक्स-रे स्कैनर से जांचा गया, जिसमें बैग के अंदर कुछ असामान्य आकृतियां दिखाई दीं।

संदेह होने पर कस्टम अधिकारियों ने तीनों यात्रियों को रोककर उनके ट्रॉली बैग और हैंड बैग की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान बैग के अंदर बड़ी ही चालाकी से छिपाकर रखे गए गांजे के 12 पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब दो किलोग्राम था। कुल मिलाकर 25 किलो 200 ग्राम हाईड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान दो आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश भी की, लेकिन सीआईएसएफ की मदद से तीनों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।कस्टम विभाग के मुताबिक बरामद गांजा सामान्य नहीं बल्कि हाईड्रोपोनिक यानी हाइब्रिड किस्म का है, जिसकी मांग बड़े महानगरों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ज्यादा होती है। इसका इस्तेमाल अक्सर रेव पार्टियों में नशे के लिए किया जाता है, जिसके चलते इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक होती है।

पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें जूनागढ़ निवासी हिमराज रामसिंग सुंदर और राज कांतिलाल चौहान के साथ बडोदरा की रहने वाली हीनाबेन भारदा शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी भारी मुनाफे के लालच में बैंकॉक से यह खेप भारत लेकर आए थे।

आरोपियों की योजना वाराणसी एयरपोर्ट से गांजा बाहर निकालकर ट्रेन के जरिए गुजरात पहुंचाने की थी। फिलहाल कस्टम विभाग ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।अधिकारियों ने बरामद प्रतिबंधित सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 43 के तहत जब्त कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले के तार किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *