पांडेय घाट के सामने मोटर नावों से बढ़ता प्रदूषण, कार्रवाई की मांग
वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में गंगा की स्वच्छता को लेकर चल रहे सरकारी प्रयासों के बीच पांडेय घाट के सामने मोटर संचालित नावों से निकलने वाला काला धुआं चिंता का विषय बन गया है। घाट के आसपास चलने वाली कई नावों के जर्जर इंजन भारी मात्रा में धुआं छोड़ रहे हैं, जिससे गंगा के वातावरण और आसपास की हवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि काशी के घाटों पर पर्यटन का मुख्य आकर्षण नाव यात्रा है।
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और विदेशी पर्यटक मोटर नावों से गंगा दर्शन करते हैं। लेकिन कई नावों के इंजन लंबे समय से खराब स्थिति में हैं और उनकी नियमित फिटनेस जांच नहीं हो रही है। इसके कारण संचालन के दौरान नावों से कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है और गंगा के तटों का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उनका कहना है कि एक ओर सरकार गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर धुआं उगलती नावें इन प्रयासों को कमजोर कर रही हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से सभी नावों के इंजनों की तकनीकी जांच कराने और प्रदूषण फैलाने वाली नावों के संचालन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गंगा की पवित्रता और प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रह सके।
