(रणभेरी): कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 10वीं कक्षा के एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस को उसके आईपैड के कवर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने मोहल्ले के एक किशोर पर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां गुरुवार सुबह परिजनों ने कपड़ों और अधजले हाथ के आधार पर छात्र की पहचान की।
कोचिंग के लिए निकला, फिर नहीं लौटा
शास्त्री नगर निवासी अनिल सैनी एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत हैं। परिवार में पत्नी अनीता, बेटी गुनगुन और 17 वर्षीय बेटा अनिकेत उर्फ समीर सैनी था। समीर विजय नगर स्थित एक निजी स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था और घर से लगभग एक किलोमीटर दूर कोचिंग जाता था।
परिजनों के अनुसार, बुधवार शाम वह कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। कोचिंग शिक्षक के फोन के बाद परिजनों ने तलाश शुरू की, रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क किया, मगर कोई सुराग नहीं मिला। बाद में थाने पहुंचने पर पता चला कि एक किशोर की ट्रेन से कटकर मौत हुई है।

पोस्टमार्टम हाउस में हुई शिनाख्त
गुरुवार सुबह परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां शव की पहचान की गई। जीआरपी के अनुसार, पनकी धाम स्टेशन के पास युवक ट्रेन की चपेट में आ गया था। इसी दौरान छात्र का आईपैड मिला, जिसके कवर में हाथ से लिखा सुसाइड नोट रखा था। नोट को परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है।
सोशल मीडिया फोटो से शुरू हुआ ब्लैकमेल
परिवार का कहना है कि जनवरी में स्कूल के एक कार्यक्रम के दौरान समीर ने अपनी सहपाठी के साथ फोटो खिंचवाई थी, जिसे उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उसी फोटो का स्क्रीनशॉट लेकर मोहल्ले का एक किशोर उसे धमकाने लगा।
आरोप है कि वह लड़का छात्र से पैसे की मांग कर रहा था और बदनाम करने की धमकी दे रहा था। समीर ने पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद दबाव और बढ़ गया। परिजनों का दावा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्र ने आत्मघाती कदम उठाया।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
सुसाइड नोट में छात्र ने साफ तौर पर लिखा कि उसे गली का एक लड़का ब्लैकमेल कर रहा था और उसी से तंग आकर वह यह कदम उठा रहा है। उसने यह भी लिखा कि जिस लड़की के साथ उसकी फोटो थी, उसकी कोई गलती नहीं है और उसे परेशान न किया जाए। नोट में आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग भी की गई है।
पुलिस का पक्ष
पनकी थाना प्रभारी के अनुसार, अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जीआरपी द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई है। यदि आप या आपके आसपास कोई मानसिक दबाव, ब्लैकमेल या अवसाद से जूझ रहा है, तो परिवार और पुलिस से तुरंत संपर्क करें। मदद मांगना कमजोरी नहीं है।
