वाराणसी (रणभेरी): प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने ही सियासी खेमे से जुड़े मंत्री अनिल राजभर पर सीधा और तीखा प्रहार किया है। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने अनिल राजभर के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सार्वजनिक चुनौती दे डाली।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यदि देश में कहीं भी वोटों की खरीद–फरोख्त होती है, तो उसके ठोस सबूत सामने लाए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी के पास ऐसी किसी “दुकान” की जानकारी है, तो उसका पता बताया जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो सामने आकर तथ्य रखें।
अपने बयान को और तीखा करते हुए राजभर ने कहा कि आज जो लोग नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं, उनका अतीत सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे लोग कभी चोरी जैसे कृत्यों से भी जुड़े रहे हैं, लेकिन अब दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं।

ओमप्रकाश राजभर ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए दावा किया कि बीते 23 वर्षों में उन्होंने समाज और राजनीति के क्षेत्र में जो काम किए हैं, वैसी उपलब्धियां कोई और नहीं दिखा सका। उन्होंने कहा कि सामाजिक चेतना को जगाने में उनकी भूमिका निर्णायक रही है।

बयान के अंत में उन्होंने शुहदेव महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपने पिता के लिए ‘बाप’ शब्द का प्रयोग किया, तभी से समाज का ध्यान महाराज शुहदेव की विरासत और विचारधारा की ओर गया। राजभर के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस जुबानी जंग के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
