वाराणसी (रणभेरी): मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने वाराणसी में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि अगली बार जब वह बनारस आएंगे तो उन्हें कोई नहीं रोक सकेगा। शुक्रवार को करीब 400 गाड़ियों के काफिले के साथ वाराणसी पहुंचे अनंत सिंह को पुलिस ने शहर में प्रवेश करने से पहले ही डाफी के पास रोक दिया था। इसके बाद वह बीएचयू गए बिना प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
शनिवार को प्रयागराज में अपने पुराने मित्र के आवास पर पहुंचे अनंत सिंह ने बीएचयू के छात्र नेता डॉ. सौरव राय से बातचीत के दौरान कहा कि इस बार वह नहीं आ सके। उनके मुताबिक, रास्ते में जेसीबी लगाकर काफिले को रोक दिया गया और उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अगली बार बुलावा आने पर जरूर आएंगे और उस समय कोई उन्हें रोक नहीं पाएगा।
पांच गाड़ियों के साथ जाने का मिला था प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह का वाराणसी दौरा बीएचयू में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए प्रस्तावित था। इसके साथ ही उन्हें बीएचयू के छात्र नेता डॉ. सौरव राय के घर भी जाना था, जहां उनकी मां से मुलाकात का कार्यक्रम तय था।

शुक्रवार शाम करीब पांच बजे उनका काफिला वाराणसी की सीमा पर पहुंचा। काफिले में लगभग 400 वाहन शामिल थे। त्योहारों के मद्देनजर बाजारों में बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें डाफी में रोक दिया। प्रशासन की ओर से केवल पांच गाड़ियों के साथ आगे जाने की अनुमति दी गई।
हालांकि, अनंत सिंह पूरे काफिले के साथ आगे जाना चाहते थे। पांच गाड़ियों की अनुमति मिलने पर उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और वाराणसी जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। इसके बाद उनका काफिला प्रयागराज की ओर बढ़ गया।
चंदौली में भाजपा विधायक से की मुलाकात
अनंत सिंह इन दिनों अपनी छोटी बेटी शिवांगी की शादी का निमंत्रण देने के लिए भी विभिन्न स्थानों पर जा रहे हैं। उनकी बेटी की शादी 25 नवंबर को प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में चंदौली पहुंचने पर उन्होंने भाजपा विधायक सुशील सिंह से मुलाकात की और उन्हें शादी का निमंत्रण पत्र सौंपा।
इसके बाद शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह प्रयागराज में अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर पहुंचे। यहां कुछ समय रुकने के बाद रात करीब नौ बजे वहां से रवाना हो गए। इसी दौरान उनके मित्र के परिवार में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम भी था।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिर बढ़ी मुश्किलें
अनंत सिंह की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें भी लगातार चर्चा में हैं। मोकामा में 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा में जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
बताया गया है कि पटना हाईकोर्ट से 19 मार्च 2026 को जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आए थे। हालांकि, 30 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने बिहार पुलिस को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा है।
जेडीयू से छह साल के लिए हो चुके हैं निष्कासित
अनंत सिंह को 24 अक्टूबर को जनता दल यूनाइटेड ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था।
दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद के चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके पक्ष में प्रचार भी किया। पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को भी कार्रवाई की वजह बताया गया। इस मामले में उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था।
