खाते में दी जाने वाली राशि भी 4 हजार रुपये बढ़ी, अब वधू को मिलेंगे 64 हजार रुपये; वाराणसी में नवंबर के आखिरी सप्ताह में 582 जोड़ों की शादी कराने की तैयारी
वाराणसी (रणभेरी): मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत होने वाली शादियों में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के तहत विवाह करने वाली बेटियों को चांदी के जेवर नहीं दिए जाएंगे। चांदी की बढ़ती कीमतों और जेवरों के वजन में आ रही कमी को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। इसके स्थान पर वधू को 21 हजार रुपये मूल्य के उपहार दिए जाएंगे। वहीं, बेटी के बैंक खाते में दी जाने वाली धनराशि भी चार हजार रुपये बढ़ाकर 64 हजार रुपये कर दी गई है।
योजना के तहत वाराणसी जिले में कुल 1210 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक 628 जोड़ों की शादी संपन्न हो चुकी है। शेष 582 जोड़ों का विवाह नवंबर के आखिरी सप्ताह में कराने की तैयारी समाज कल्याण विभाग ने शुरू कर दी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार एक बेटी की शादी पर कुल एक लाख रुपये खर्च करती है। पहले इस धनराशि में से 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते थे। वहीं, 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते थे और 25 हजार रुपये मूल्य के चांदी के जेवर दिए जाते थे।
इन जेवरों में 30 ग्राम 65 टंच की एक जोड़ी पायल और 10 ग्राम 65 टंच की दो जोड़ी बिछिया शामिल थीं। हालांकि, पिछले कुछ समय से चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण निर्धारित बजट में जेवरों का वजन कम होने लगा था। इसी समस्या को देखते हुए शासन ने योजना के प्रावधानों में बदलाव किया है।
नई व्यवस्था के तहत विवाह आयोजन के लिए निर्धारित 15 हजार रुपये की राशि पहले की तरह ही रहेगी। चांदी के जेवरों की जगह अब 21 हजार रुपये मूल्य के उपहार दिए जाएंगे। इसके साथ ही वधू के खाते में मिलने वाली रकम 60 हजार से बढ़ाकर 64 हजार रुपये कर दी गई है।
इस तरह योजना के तहत प्रति विवाह एक लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान बरकरार रखते हुए सहायता राशि और उपहार की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में वाराणसी के 582 जोड़े नई व्यवस्था के तहत वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे।
