बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसने, फर्नीचर और वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप; CCTV फुटेज से उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस
(रणभेरी): शिक्षा निदेशालय मुख्यालय परिसर में घुसकर तोड़फोड़ करने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने के मामले में सिविल लाइंस थाने में 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिक्षा निदेशालय के केयरटेकर मोहम्मद सैफी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुस गए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
तहरीर के मुताबिक, 27 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे 150 से 200 लोग शिक्षा निदेशालय के पूर्वी गेट के सामने सड़क के दोनों ओर जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रतियोगी अभ्यर्थियों की आड़ में कुछ अराजक तत्वों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यालय परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद परिसर के विभिन्न अनुभागों में तोड़फोड़ की गई।

फर्नीचर तोड़ा, वाहनों को भी नुकसान
केयरटेकर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि परिसर में घुसे लोगों ने विभिन्न अनुभागों के फर्नीचर को क्षतिग्रस्त कर दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा कर्मचारियों के साथ अभद्र और अमर्यादित व्यवहार करने तथा सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप है।

कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना
तहरीर में बताया गया है कि शिक्षा निदेशालय परिसर में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और परिषद के मुख्यालय स्थित हैं। यहां शासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य नियमित रूप से संचालित होते हैं। घटना के बाद परिसर में दहशत और अराजकता का माहौल बनने के साथ कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होने की बात कही गई है।
CCTV फुटेज से होगी पहचान
सिविल लाइंस पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की मदद से तोड़फोड़ में शामिल लोगों का पता लगा रही है। फिलहाल मुकदमे में 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
