(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, सरकारी अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स पूर्णिमा विश्वकर्मा ने अपने प्रेम संबंध में बाधा बन रही भाभी गुड़िया (28) की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कथित तौर पर तीन लाख रुपये में सुपारी तय की। रकम जुटाने के लिए उसने अपने गहने गिरवी रखे और ढाई लाख रुपये एडवांस दिए।
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर की देर रात सीएचसी परिसर स्थित सरकारी आवास में घुसकर दो आरोपियों ने गुड़िया की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके सिर पर हथौड़ी से वार किया गया। वारदात के बाद पूर्णिमा ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, ताकि उस पर किसी को शक न हो। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के बाद पुलिस का शक उस पर गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
भाभी को था ननद के प्रेम संबंध का पता
पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना क्षेत्र के चांदबाड़ी गांव निवासी पूर्णिमा देवरिया के रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में करीब पांच साल से स्टाफ नर्स के पद पर तैनात है। वह अस्पताल परिसर में बने सरकारी आवास में रहती थी। उसका भाई चमनलाल विश्वकर्मा अयोध्या की एक निर्माण कंपनी में फिटर का काम करता है। चमनलाल की पत्नी गुड़िया पांच महीने की गर्भवती थी। उसकी तीन साल की बेटी भी है। कुछ दिन पहले वह अपने पति के घर से देवरिया स्थित ननद पूर्णिमा के पास आई थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि पूर्णिमा का एक युवक से प्रेम संबंध था। युवक अक्सर उसके आवास पर आता-जाता था। गुड़िया को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। बताया जा रहा है कि वह इस बारे में परिवार के लोगों को बताने की बात कह रही थी। इसी आशंका के चलते पूर्णिमा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
प्रेमी ने सुपारी किलर से कराया संपर्क
पुलिस के अनुसार, पूर्णिमा के प्रेमी ने गोरखपुर के एक कथित सुपारी किलर से संपर्क किया। गुड़िया की हत्या के लिए तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पूर्णिमा ने रकम की व्यवस्था करने के लिए अपने गहने गिरवी रखे और ढाई लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए।
24 अक्टूबर की रात गुड़िया रुद्रपुर सीएचसी परिसर स्थित सरकारी आवास की तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सो रही थी। पूर्णिमा ने उसकी तीन साल की बेटी को बहाने से अपने पास सुला लिया। रात करीब 11 बजे कथित सुपारी किलर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद रस्सी से गुड़िया का गला घोंट दिया और सिर पर हथौड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। इसके बाद पूर्णिमा ने हत्या का शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी।
मां ने लगाया था दहेज हत्या का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
इस बीच, गुड़िया की मां लालती देवी ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने गुड़िया के पति चमनलाल, सास उर्मिला देवी, ननद पूर्णिमा, जेठ अभिमन्यु और जेठानी बनदेवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
शुरुआत में पुलिस ने दहेज हत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और सिर पर चोट लगने से मौत होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पूर्णिमा की भूमिका संदिग्ध मिली। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश का खुलासा हुआ।
बकाया रकम लेने पहुंचा आरोपी, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, सुपारी की रकम में से 50 हजार रुपये बकाया थे। इसी रकम को लेने के लिए आरोपियों के आने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की और रामअशीष यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसका एक साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। एसपी अभिजीत आर. शंकर के अनुसार, नर्स को पहले ही हिरासत में लिया गया था। मामले में पूर्णिमा, उसके प्रेमी और कथित हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ मामले की आगे की जांच कर रही है।
