विश्वविद्यालय में स्ट्रीट लाइट, CCTV और खराब सड़कों का मुद्दा उठा; 12 सितंबर के कार्यक्रम की जांच कराने की भी मांग
वाराणसी (रणभेरी): विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदलने जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आरोप है कि कई दिनों से मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भूख हड़ताल में पल्लव सुमन, अनुराग तिवारी, पुनीत मिश्रा, सत्यनारायण सिंह और रोहन पांडेय शामिल होंगे। ABVP ने प्रशासन से छात्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की अपील की है।

कैंपस की सुविधाओं और सुरक्षा पर जोर
ABVP नेता पुनीत मिश्रा के अनुसार, छात्रों की मांगों में छात्रावासों के आसपास स्ट्रीट लाइट और CCTV कैमरे लगवाना, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराना तथा छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम करना शामिल है। संगठन ने परिसर में नियमित पुलिस या सुरक्षा गश्त बढ़ाने की जरूरत भी बताई है।
मिश्रा का कहना है कि विश्वविद्यालय के कुछ हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। वहीं, परिसर में वाहनों की तेज रफ्तार को देखते हुए यातायात नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग भी उठाई गई है।
नेहा बोरा के कार्यक्रम को लेकर जांच की मांग
ABVP ने 12 सितंबर को आयोजित नेहा बोरा के कार्यक्रम के लिए सभागार आवंटन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि सभागार आवंटित करने में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। पुनीत मिश्रा के मुताबिक, सामान्य प्रक्रिया में संबंधित डीन, विभागाध्यक्ष और समिति की भूमिका के साथ निर्धारित शुल्क जमा करने की व्यवस्था होती है।
ABVP ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर ने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सभागार आवंटित किया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, सभागार आवंटन को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ABVP ने दोहराया है कि छात्रों की बुनियादी सुविधाओं, कैंपस की सुरक्षा और कार्यक्रम से जुड़े विवाद पर कार्रवाई होने तक उसका विरोध जारी रहेगा। अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर छात्रों और संगठन की नजर रहेगी।
