काशी विद्यापीठ में परिणाम और मार्कशीट के लिए भटक रहे छात्र, विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार कर रहा समाधान का प्रयास
वाराणसी (रणभेरी) : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में समर्थ पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण करीब 10 हजार विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि कई विद्यार्थियों का परिणाम जारी होने के बाद भी उन्हें अंकपत्र नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कुछ छात्रों के परीक्षा परिणाम अब तक जारी नहीं हो सके हैं। इससे वाराणसी और चंदौली के विभिन्न महाविद्यालयों के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तकनीकी खामी से नहीं बन पा रही मार्कशीट
विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों के परीक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर समर्थ पोर्टल से जुड़ी टीम को भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद अंकपत्र तैयार करने और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। पोर्टल से प्राप्त पीडीएफ मार्कशीट में भी कई तरह की त्रुटियां सामने आने की बात कही जा रही है। इससे विद्यार्थियों को समय पर अंकपत्र उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
उत्तर पुस्तिका में गलत जानकारी भरने से भी दिक्कत
परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में कुछ विद्यार्थियों की ओर से परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका पर अपना नाम सही तरीके से नहीं लिखने की समस्या भी सामने आई है। इस वजह से उनके परीक्षा संबंधी विवरण का सत्यापन करने और परिणाम तैयार करने में कठिनाई हो रही है। तकनीकी खामियों के साथ इस तरह की त्रुटियों ने भी परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया को प्रभावित किया है।
छात्रों ने प्रदर्शन कर उठाई थी मांग
परिणाम में देरी और मार्कशीट नहीं मिलने से नाराज विद्यार्थियों ने तीन दिन पहले विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया था। छात्रों ने जल्द परीक्षा परिणाम घोषित करने और अंकपत्र उपलब्ध कराने की मांग उठाई थी। विद्यार्थियों का कहना है कि परिणाम और मार्कशीट समय पर नहीं मिलने से आगे की पढ़ाई तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में परेशानी हो सकती है।
समस्या दूर करने के लिए लगातार संपर्क
विश्वविद्यालय की ओर से समर्थ पोर्टल की तकनीकी समस्या दूर कराने के लिए संबंधित टीम से लगातार संपर्क किया जा रहा है। इस सिलसिले में विश्वविद्यालय की टीम दो बार दिल्ली भी भेजी जा चुकी है। परीक्षा विभाग की ओर से जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के बाद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की कोशिश है कि तकनीकी खामियों को दूर कर जल्द से जल्द परिणाम जारी किए जाएं और विद्यार्थियों को उनकी मार्कशीट उपलब्ध कराई जा सके।
