प्रेम संबंध में पति को रास्ते से हटाने की साजिश का आरोप, नदी किनारे से हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद
(रणभेरी): ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हरिश्चंद्र की हत्या किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि उसे रास्ते से हटाने के लिए पहले से साजिश रची गई थी। पुलिस के मुताबिक इस साजिश में मृतक की पत्नी माया देवी और उसके कथित प्रेमी नियाज अहमद समेत चार लोग शामिल थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में हरिश्चंद्र की पत्नी माया देवी, उसका कथित प्रेमी नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला शामिल हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या से जुड़े कई अहम सुराग मिले। आरोपियों की निशानदेही पर मुंहचुरवा घाट के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया है।
30 अगस्त की रात हुई थी वारदात
इटवा थाना क्षेत्र के कपियवा गांव निवासी हरिश्चंद्र पुत्र रामगुलाम ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। पुलिस के मुताबिक 30 अगस्त की रात मुंहचुरवा घाट के पास बूढ़ी राप्ती नदी, रामनगर क्षेत्र में उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को नदी में फेंक दिया गया था।
मामले को अलग दिशा देने के लिए ई-रिक्शा को भी दुर्घटनाग्रस्त दिखाने का प्रयास किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगाया गया।
मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए संदिग्ध
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान टीम लगातार संदिग्धों और संभावित आरोपियों पर नजर रख रही थी। इसी बीच मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल इरशाद अपने दो साथियों के साथ दुधवनिया बुजुर्ग नहर के रास्ते धनौरा की तरफ जाने वाला है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी की गई। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए के आधार पर तीन संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ लिया। हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो पुलिस को हरिश्चंद्र हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मिलने लगे।
पूछताछ में सामने आई कथित साजिश
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद मिली। जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि माया देवी ने अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर पति हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इस योजना को अंजाम देने में इरशाद और अब्दुल्ला की भूमिका भी बताई गई है।
पुलिस ने पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर घटना स्थल और उससे जुड़े स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान आरोपियों की निशानदेही पर मुंहचुरवा घाट से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया।
सामान बरामद, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल चाकू के अलावा छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एयर इंडिया का एक टिकट भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस इन बरामद सामानों को जांच का हिस्सा बनाकर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
एसपी ने पुलिस टीम की कार्रवाई की जानकारी दी
मंगलवार को पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने प्रेस वार्ता कर मामले के खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हत्या की घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही थीं। एसओजी और ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब और किस तरह तैयार की गई थी तथा वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने किन-किन स्थानों पर आवाजाही की। बरामद मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकें।
