मंडलीय अस्पताल में दो बुजुर्ग स्वाइन फ्लू से संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता

मंडलीय अस्पताल में दो बुजुर्ग स्वाइन फ्लू से संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता

वाराणसी (रणभेरी): मंडलीय अस्पताल में स्वाइन फ्लू के दो नए मामलों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सोमवार को सामने आई जांच रिपोर्ट में दो बुजुर्ग मरीजों में एच1एन1 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू कर दिया गया है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बीते करीब एक सप्ताह के दौरान स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले कुल 23 मरीजों के नमूने जांच के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के माइक्रोबायोलॉजी सेंटर भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनमें से दो नमूनों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि अन्य मरीजों की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

संक्रमित मरीजों में वाराणसी के कज्जाकपुरा क्षेत्र निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग और भदोही जिले के 80 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं। दोनों की उम्र अधिक होने के कारण चिकित्सक उनकी स्थिति पर विशेष नजर रख रहे हैं। संक्रमण की पुष्टि के बाद उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखते हुए आइसोलेशन वार्ड में उपचार दिया जा रहा है।

लक्षण दिखने पर जांच की सलाह

स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। मौसम में बदलाव के दौरान इसके लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

अस्पताल में दो मामलों की पुष्टि के बाद लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक जाने से बचने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की गई है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने तथा अस्वस्थ होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

चिकित्सकों का कहना है कि बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में वायरल संक्रमण को लेकर अधिक सतर्कता बरतना जरूरी है। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण नजर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर है। अस्पताल प्रशासन की ओर से दोनों संक्रमित मरीजों का उपचार जारी है। साथ ही संदिग्ध मामलों की पहचान और जांच की प्रक्रिया भी जारी रखी जा रही है, जिससे संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा सके।

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