वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में नए विद्यार्थियों की सहायता के लिए लगाए गए हेल्प डेस्क को लेकर रविवार को विवाद की स्थिति बन गई। NSUI BHU के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका हेल्प डेस्क हटवा दिया। कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे छात्र कार्यकर्ताओं की प्राक्टोरियल बोर्ड कार्यालय में सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस भी हुई।
NSUI कार्यकर्ताओं का कहना है कि हेल्प डेस्क का उद्देश्य विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था। यहां प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, छात्रावास, छात्रवृत्ति, विभागों और विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी दी जा रही थी।
विद्यार्थियों की मदद के लिए लगाया था डेस्क
छात्र संगठन के मुताबिक, नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की व्यवस्था समझने में शुरुआती दिनों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हेल्प डेस्क के जरिए उन्हें जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा था।

NSUI ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सहायता के उद्देश्य से की गई थी। संगठन ने कहा कि यदि परिसर में हेल्प डेस्क लगाने को लेकर विश्वविद्यालय की कोई निर्धारित व्यवस्था या अनुमति संबंधी नियम है, तो उसे सभी छात्र संगठनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
हटाने के दौरान धक्का-मुक्की का आरोप
NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हेल्प डेस्क हटाए जाने के दौरान विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के साथ उनकी कहासुनी हुई। कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि मौके पर लगे बैनर-पोस्टर और कुर्सियों को हटाने या अपने कब्जे में लेने की कोशिश की गई।

घटना के बाद छात्र कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। मामले को लेकर वे अपनी शिकायत दर्ज कराने प्राक्टोरियल बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहां एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच बहस की स्थिति बनी।
समान व्यवहार की मांग
NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र संगठनों के साथ समान व्यवहार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि किसी गतिविधि के लिए नियम निर्धारित हैं, तो उनका पालन सभी संगठनों से समान रूप से कराया जाना चाहिए।
विरोध के दौरान NSUI BHU की ओर से मुरारी यादव, आशुतोष, विवेक, आलोक, प्रियदर्शन मीना, निक्सन, प्रिंस, निशांत गुप्ता और वैभव जायसवाल समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
