सुरक्षा जांच के दौरान खुलासा, केंद्राध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा; कोर्ट में पेशी के बाद भेजा जाएगा जेल
वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में आयोजित री-नीट परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षा जांच के समय संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान युवक के पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं, जिसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। देर रात पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, री-नीट परीक्षा के लिए बनाए गए एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया चल रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्र के मुख्य गेट पर पुलिस बल की मौजूदगी में सभी परीक्षार्थियों की गहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बलिया जिले का रहने वाला एक युवक, जिसकी पहचान प्रिंस कुमार दुबे के रूप में हुई, सुरक्षा कर्मियों को संदिग्ध प्रतीत हुआ।

पुलिसकर्मियों ने युवक की गतिविधियों को देखते हुए उसकी विस्तृत तलाशी ली। जांच के दौरान उसके कपड़ों के भीतर छिपाकर रखी गई कुछ वस्तुएं बरामद हुईं। इनमें पूर्व में निरस्त की जा चुकी नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र, एक मोबाइल सिम कार्ड, फेविकोल, एमसील तथा डबल साइडेड टेप के कई टुकड़े शामिल बताए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष को मौके पर बुलाया। केंद्राध्यक्ष ने युवक से बरामद सामान के संबंध में पूछताछ की, लेकिन वह किसी भी वस्तु के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना देकर उसे थाने भेज दिया गया।
केंद्राध्यक्ष प्रोफेसर रजनीश कुंवर ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से कराई जा रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी के पास से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई। उन्होंने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। वहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई, लेकिन वह बरामद सामग्री के उपयोग और उद्देश्य के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया।
थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि केंद्राध्यक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 की संबंधित धारा के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और तकनीकी माध्यमों से धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
