अखिलेश यादव पर टिप्पणी को लेकर सपा का विरोध, भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

अखिलेश यादव पर टिप्पणी को लेकर सपा का विरोध, भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

वाराणसी (रणभेरी): समाजवादी पार्टी ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक के एक कथित बयान को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी नेताओं ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए अजय आलोक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। सपा का आरोप है कि भाजपा प्रवक्ता ने विभिन्न टीवी चैनलों, डिजिटल मंचों और सोशल मीडिया पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संबंध में ऐसे आरोप लगाए हैं, जिनका अब तक कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

सपा नेताओं का कहना है कि अजय आलोक ने अपने सार्वजनिक बयानों में यह दावा किया कि अखिलेश यादव की कथित तौर पर “टिल्लू/टिनू यादव” नामक व्यक्ति से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। पार्टी का कहना है कि इस दावे के समर्थन में अब तक किसी भी जांच एजेंसी द्वारा कोई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), जांच रिपोर्ट अथवा अन्य आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बिना पुष्ट साक्ष्यों के इस प्रकार के आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित और भ्रामक है।

अखिलेश यादव पर टिप्पणी को लेकर सपा का विरोध, भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के आरोप लगाने से न केवल अखिलेश यादव की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। पार्टी का आरोप है कि इन बयानों को सोशल मीडिया, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार प्रसारित किया जा रहा है, जिससे बिना सत्यापन के जानकारी व्यापक स्तर पर फैल रही है।

सपा नेताओं ने अपने शिकायत पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ आरोप लगाने से पहले ठोस और प्रमाणित तथ्य होना आवश्यक है। यदि किसी जांच एजेंसी के पास ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, लेकिन बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस प्रकार के बयान देना मानहानिकारक माना जा सकता है।

पार्टी ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में बिना प्रमाण किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं।

समाजवादी पार्टी का कहना है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रख रही है तथा उम्मीद करती है कि प्रशासन शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण कर उचित निर्णय लेगा।

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